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भारत में सस्ती होगी इंटरनेट सुविधा, सैटेलाइट से इंटरनेट देगी मस्क की कंपनी

📅 15 March 2025, 01:09 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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भारत में सस्ती होगी इंटरनेट सुविधा, सैटेलाइट से इंटरनेट देगी मस्क की कंपनी
भारत में सस्ती होगी इंटरनेट सुविधा, सैटेलाइट से इंटरनेट देगी मस्क की कंपनी

नई दिल्ली. एयरटेल के बाद अब देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर रिलायंस जियो ने भी सैटेलाइट इंटरनेट देने के लिए एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के साथ समझौता किया है. टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने अमेरिकी कंपनी के साथ समझौता किया. एयरटेल ने कल स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है.

समझौते के तहत स्पेसएक्स और एयरटेल मिलकर व्यवसायों, शैक्षणिक संस्थानों, हेल्थकेयर सेंटर्स और दूरदराज के इलाकों में स्टारलिंक की सेवाएं मुहैया कराएंगे. एयरटेल के मौजूदा नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टारलिंक तकनीक को एकीकृत करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी.

स्टारलिंक पूरी दुनिया में यूजर्स को हाई-स्पीड इंटरनेट मुहैया कराता है. इसके पास लो अर्थ ऑर्बिट में 7 हजार से ज्यादा सैटेलाइट्स का दुनिया का सबसे बड़ा सैटेलाइट नेटवर्क है. स्टारलिंक इंटरनेट के जरिए स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉल्स आसानी से की जा सकती हैं.

स्टारलिंक का काम दूरदराज के इलाकों को सैटेलाइट के जरिए तेज इंटरनेट से जोड़ना है. इसमें कंपनी एक किट देती है जिसमें राउटर, पावर सप्लाई, केबल और माउंटिंग ट्राइपॉड शामिल होता है.

हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए डिश को खुले आसमान के नीचे रखा जाता है. स्टारलिंक का ऐप iOS और Android पर उपलब्ध है, जो सेटअप से लेकर मॉनिटरिंग तक सब कुछ करता है. इस डील के बाद दूरदराज के इलाकों में जियो की इंटरनेट पहुंच बढ़ेगी और तेज इंटरनेट सुविधा मिलेगी.

सैटेलाइट धरती के किसी भी हिस्से से बीम इंटरनेट कवरेज को संभव बनाते हैं. सैटेलाइट के नेटवर्क से यूजर्स को हाई-स्पीड, लो-लेटेंसी इंटरनेट कवरेज मिलता है. लेटेंसी का मतलब है डेटा को एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट तक ट्रांसमिट होने में लगने वाला समय.

एयरटेल और स्पेसएक्स एयरटेल के रिटेल स्टोर पर स्टारलिंक उपकरण उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशेंगे. एयरटेल के जरिए बिजनेस कस्टमर्स को स्टारलिंक सेवाएं मुहैया कराने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी. समुदायों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को जोड़ने और ग्रामीण इलाकों में भी सेवा मुहैया कराने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी.

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 5 साल में टेलीकॉम, इंटरनेट और डिजिटल कारोबार पर करीब 26 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं. रिलायंस जियो देश का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर है, जिसके दिसंबर के अंत तक 46 करोड़ वायरलेस ग्राहक थे. पिछले साल जून में टैरिफ बढ़ोतरी के कारण सितंबर तिमाही में इसके मुनाफे में उछाल आया था.

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