ज्योतिषी
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए चढ़ाया जाता है कौन सा तेल, क्या है मान्यता...!
paliwalwani
शनिदेव में इस तरह चढ़ाएं सरसों का तेल
भगवान शनि को सरसों का तेल चढ़ाना माना जाता है शुभ सरसों के तेल चढ़ाने से हर तरह के शनि दोष होते हैं दूर. शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में उन्हें न्यायाधीश कहा जाता है. कर्णफल दाता शनि सभी को कर्मों के हिसाब से फल देते है. लेकिन अगर वो प्रसन्न हो जाएं तो हर किसी के झोली भी भर सकते हैं. इसीलिए शनिदेव की कृपा पाने के लिए विभिन्न तरह के उपाय अपनाते हैं, जिसमें से एक उपाय सरसों का तेल चढ़ाना भी है.
शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि भगवान शनि को सरसों का तेल चढ़ाने से वह प्रसन्न होते हैं, जिससे आपको साढ़े साती, शनिदोष या फिर ढैया से छुटकारा मिल जाता है. भगवान शनि को सिर्फ सरसों का तेल चढ़ाया ही नहीं जाता है बल्कि सरसों के तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है. जानिए आखिर शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाने के पीछे क्या है पौराणिक कथा?
रामायण की कथा के अनुसार माना जाता है कि एक बार लंकापति रावण ने शनिदेव को कैद कर लिया था। ऐसे में जब हनुमान जी माता सीता के खोज में लंका आए थे, तो उन्होंने शनिदेव को कैद में देखा। ऐसे में शनिदेव ने हनुमान जी से मुक्त करना का आग्रह किया। तब हनुमान जी ने शनिदेव को कैद से मुक्त करके लंका से बहुत दूर फेंक दिया था, जिससे वह सुरक्षित स्थान में पहुंच जाएं।
हनुमान जी द्वारा शनिदेव को इस तरह फेंकने से काफी चोट लग गई। ऐसे में हनुमान जी ने शनिदेव की पीड़ा कम करने के लिए सरसों के तेल को घाव में लगाया। इससे शनिदेव को काफी आराम मिला और वह काफी खुश हुए। ऐसे में शनिदेव ने कहा कि आने वाले समय में जो भक्त मुझे सरसों का तेल अर्पित करेगा उसके ऊपर हमेशा मेरी कृपा बनी रहेगी।
शनिदेव में इस तरह चढ़ाएं सरसों का तेल
भगवान शनि को सरसों का तेल चढ़ाने से कई तरह के दोषों से छुटकारा मिलता है। शनिदेव की कृपा से आपको सुख-समृद्धि, धन-दौलत के साथ हर काम में सफलता का वरदान मिलता है।
- भगवान शनि को तेल चढ़ाने का सबसे अच्छा दिन शनिवार का माना जाता है। क्योंकि यह शनिदेव का दिन है।
- शनिवार के दिन किसी भी समय शनि के मंदिर में जाकर तेल जढ़ा सकते हैं। तेल चढ़ाते समय ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करते रहें।
- शनि देव को सरसों के तेल में काले तिल,काली उड़द दाल चढ़ा सकते हैं। इससे आपके घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
- शनिदेव के सामने या फिर पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर रखें। तेल चढ़ाने से पहले उस बर्तन में अपना चेहरा जरूर देख लें। संभव हो सके तो किसी गरीब को सरसों का तेल दान करें, इससे शनिदेव खुश होंगे और आपका भाग्य चमकने लगेगा।
- शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल के दीपक में थोड़ा सा तिल और एक सिक्का डालकर जला दें और सीधे घर चले आएं। 7-11 दिन करने से आपको शुभ फल मिलेगा।
डिस्क्लेमर : ये आर्टिकल जन सामान्य सूचनाओं और लोकोक्तियों पर आधारित है. पालीवाल वाणी समूह इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता.