इंदौर.
शहर में अपराधों पर नियंत्रण हेतु पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर करने तथा उसमें और कसावट लाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा इंदौर नगरीय क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों के साथ एक विशेष बैठक का आयोजन आज दिनांक 19.01.26 को कार्यालय के सभागार में किया गया
उक्त बैठक में अति पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) नगरीय इंदौर श्री अमित सिंह, अति पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) नगरीय इंदौर श्री आर. के. सिंह सहित नगरीय क्षेत्र के सभी पुलिस उपायुक्तगण, अति. पुलिस उपायुक्तगण, सभी सहायक पुलिस आयुक्तगण एवं सभी थाना प्रभारीगण उपस्थित रहें।
उक्त बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने विगत समय में पुलिस द्वारा की गई कार्यवाहियों के आधार पर, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण व आमजन के हितों एंव सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, पुलिस की कार्यप्रणाली को और बेहतर कैसें किया जाएं, इसकों लेकर थाना प्रभारियों व सुपरविजन अधिकारियों के लिये एक विशेष कार्ययोजना बनाई गई हैं, उसी पर उक्त बैठक में चर्चा की गई।
बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने सभी थाना प्रभारियों कों बेहतर कार्यवाही हेतु उनकें कर्तव्यों व थाना प्रबंधन में किन बातों का ध्यान रखा जाएं, बताते हुए निर्देशित किया कि-
पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा थाना प्रभारियों द्वारा किये जा रहे कार्यो पर मूल्यांकन प्रणाली भी लागू की गई जिसकें तहत प्रत्येक माह में संबधित ज़ोन के डीसीपी व एडीशनल डीसीपी द्वारा अपने ज़ोन से 02 सबसे अच्छा कार्य करने वाले तथा 02 सबसें खराब कार्य करने वालें थानों का चयन करेगें। अच्छा कार्य करने वालों का प्रोत्साहन किया जाएगा वहीं खराब काम करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जावेगी।
पुलिस कमिश्नर ने सभी एसीपी को भी न्यायालयीन कार्य की समीक्षा के लिए निर्देशित किया कि, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु बदमाशों व अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के इस्तगासे 48 घंटे में थानें से आ जावें व 72 घंटों में उनके विरूद्ध नोटिस जारी होनें की कार्यवाही हो जाएं, ये सुनिश्चित किया जावें। साथ ही बाउंड ओवर उल्लघंन के मामलों में भी त्वरित कार्यवाही की जावें तथा अपने क्षेत्र के थानों के कार्यो की लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
उन्होनें ने सभी को ये सख्त निर्देश भी दिए कि- बाउंड ओवर/किसी लिस्टेड अपराधी द्वारा अपराध कारित करना, प्रकरण पंजीबद्ध करने में अकारण विलंब तथा फरियादी के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसा करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जावेगा।
उन्होनें ‘‘हमें रिएक्टिव नहीं, प्रिवेंटिव पुलिसिंग करनी है’’ ये संदेश देते हुए सभी को बेहतर पुलिसिंग के लिये एक टीम की तरह हरसंभव प्रयास करने के लिये प्रेरित किया।