माँ का सम्मान

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एक मध्यम वर्गीय परिवार के एक लड़के गुर्वित ने 10वीं की परीक्षा में 90अंक प्राप्त किए। पिता ने मार्कशीट देखकर खुशी-खुशी अपनी बीवी को कहा कि बना लीजिए मीठा दलिया, स्कूल की परीक्षा में आपके लाड़ले को 90अंक मिले हैं ..!

माँ किचन से दौड़ती हुई आई और बोली, "..मुझे भी बताइये, देखती हूँ...!

इसी बीच लड़का फटाक से बोला...

"बाबा उसे रिजल्ट कहाँ दिखा रहे हैं ?... क्या वह पढ़-लिख सकती है ? वह अनपढ़ है ...!"

अश्रुपुर्ण आँखों को पल्लु से पोंछती हुई माँ दलिया बनाने चली गई ।

ये बात  पिता ने तुरंत सुनी ...!  फिर उन्होंने लड़के के कहे हुए वाक्यों में जोड़ा, और कहा... "हां रे ! वो भी सच है...!

जब तू गर्भ में था, तो उसे दूध बिल्कुल पसंद नहीं था,  उसने तुझे स्वस्थ बनाने के लिए हर दिन नौ महीने तक दूध पिया ...

 क्योंकि वो अनपढ़ थी ना ...!

तुझे सुबह सात बजे स्कूल जाना होता था, इसलिए वह सुबह पांच बजे उठकर तुम्हारा मनपसंद नाश्ता और डिब्बा बनाती थी.....

 क्योंकि वो अनपढ़ थी ना ...!

जब तुम रात को पढ़ते-पढ़ते सो जाते थे, तो वह आकर तुम्हारी कॉपी व किताब बस्ते में भरकर, फिर तुम्हारे शरीर पर ओढ़नी से ढँक देती थी और उसके बाद ही सोती थी...

 क्योकि अनपढ़ थी ना ...!

बचपन में तुम ज्यादातर समय बीमार रहते थे... तब वो रात- रात भर जागकर सुबह जल्दी उठती थी और काम पर लग जाती थी....

 क्योंकि वो अनपढ़ थी ना...!

तुम्हें, ब्रांडेड कपड़े लाने के लिये मेरे पीछे पड़ती थी, और खुद सालों तक एक ही साड़ी में रहती थी ।

 क्योंकि वो अनपढ़ थी ना....!

बेटा .... पढ़े-लिखे लोग पहले अपना स्वार्थ और मतलब देखते हैं.. लेकिन तेरी माँ ने आज तक कभी नहीं देखा।

 क्योंकि अनपढ़ है  ना वो...!

वो खाना बनाकर और हमें परोसकर, कभी-कभी खुद खाना भूल जाती थी... इसलिए मैं गर्व से कहता हूं कि तुम्हारी माँ अनपढ़ है...'

यह सब सुनकर लड़का रोते रोते, और लिपटकर अपनी माँ से बोलता है.. "माँ, मुझे तो कागज पर 90अंक ही मिले हैं। लेकिन आप मेरे जीवन को 100बनाने वाली पहली शिक्षक हैं।

 माँ, मुझे आज 90अंक मिले हैं, फिर भी मैं अशिक्षित हूँ और आपके पास पीएचडी के ऊपर की उच्च डिग्री है।  क्योंकि आज मैंने अपनी माँ के अंदर छुपे रूप में, डॉक्टर, शिक्षक, वकील, ड्रेस डिजाइनर, बेस्ट कुक, इन सभी के दर्शन कर लिये !

शिक्षा : प्रत्येक लड़का-लड़की जो अपने माता-पिता का अपमान करते हैं, उन्हें अपमानित करते हैं,छोटे- मोटे कारणों के लिए क्रोधित होते हैं।उन्हें सोचना चाहिए,उनके लिए क्या-क्या कष्ट सहा है,उनके माता पिता ने..!!

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