दीपावली से पहले बहुत कम विद्यालयों को भुगतान मिलने की : संभावना,अधिकांश विद्यालयों का बकाया रह सकता है लंबित
आमेट. राजस्थान के निजी विद्यालयों के RTE पुनर्भरण बकाया भुगतान को लेकर निजी विद्यालय संघर्ष समिति, राजस्थान के प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने बुधवार को शासन के उच्च अधिकारियों से दिनभर मुलाकात कर निजी विद्यालयों की समस्याओं एवं लंबित भुगतान के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान वित्त विभाग के अधिकारियों के समक्ष निजी विद्यालयों की आर्थिक स्थिति, बकाया पुनर्भरण तथा विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के सामने उत्पन्न हो रही आर्थिक परेशानियों को प्रमुखता से रखा गया।
प्रदेश संयोजक लाल सिंह झाला ने प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया, संयुक्त शासन सचिव वित्त श्री ब्रज किशोर शर्मा, संयुक्त शासन सचिव वित्त (ECS) श्री हरिश लड्ढ़ा तथा वित्त बजट के संयुक्त सचिव से मुलाकात कर RTE पुनर्भरण की लंबित राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि निजी विद्यालय लंबे समय से सरकार से अपने बकाया भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण विद्यालयों का आर्थिक प्रबंधन प्रभावित हो रहा है तथा विद्यालय संचालकों के सामने कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में कठिनाइयां आ रही हैं।
मुलाकात के बाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपावली से पहले कुछ निजी विद्यालयों का RTE पुनर्भरण बकाया भुगतान होने की संभावना है। हालांकि, दीपावली से पहले बहुत कम विद्यालयों को ही भुगतान मिल पाएगा तथा अधिकांश विद्यालयों का बकाया भुगतान लंबित रहने की आशंका है। इससे निजी विद्यालयों में कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारियों को इस दीपावली पर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
लाल सिंह झाला ने कहा कि निजी विद्यालयों के संचालक एवं कर्मचारी लंबे समय से अपने हक के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। RTE के अंतर्गत निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी निभाने वाले निजी विद्यालयों को समय पर पुनर्भरण नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। सरकार द्वारा निर्धारित दायित्वों के निर्वहन के बावजूद भुगतान में देरी होना निजी विद्यालयों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय संघर्ष समिति, राजस्थान इस मुद्दे को लेकर लगातार शासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष अपनी मांग रख रही है। संगठन का उद्देश्य केवल कुछ विद्यालयों का भुगतान करवाना नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी पात्र निजी विद्यालयों का संपूर्ण बकाया पुनर्भरण सुनिश्चित करवाना है।
प्रदेश संयोजक ने स्पष्ट किया कि संगठन निजी विद्यालयों के भुगतान के लिए निरंतर प्रयासरत है और आगे भी शासन स्तर पर संवाद एवं संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने विद्यालय संचालकों एवं कर्मचारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संगठन उनके अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से प्रयास कर रहा है।
लाल सिंह झाला ने कहा कि जब तक सभी पात्र निजी विद्यालयों का संपूर्ण RTE पुनर्भरण बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक निजी विद्यालय संघर्ष समिति, राजस्थान का प्रयास और संघर्ष जारी रहेगा।
M. Ajnabee, Kishan paliwal