तिरंगा दिखाना अपराध नहीं: एसआईआर के खिलाफ सीजेपी की हुंकार : 7 को होगा कोच्चि में बड़ा प्रदर्शन

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दिल्ली. सीजेपी सात नवंबर को कोच्चि के राजेंद्र मैदान में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने इसे ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ नाम दिया है। 13 अक्तूबर 2026 को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के दौरान पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इस मामले में दो कार्यकर्ता गुरुवार को दिल्ली क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए और जांच में सहयोग की बात कही।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) सात नवंबर को केरल के कोच्चि में प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने इसका नाम ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ रखा है। प्रदर्शन शाम चार बजे राजेंद्र मैदान में होगा। पार्टी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लोगों से शामिल होने की अपील की है। इसके लिए ‘लोकतंत्र बचाओ, एसआईआर रद्द करो’ का नारा दिया गया है। प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दिपके, पार्टी के दक्षिण क्षेत्र के मीडिया प्रभारी विजय मल्लांगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज समेत कई सदस्य शामिल होंगे।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं करने का दिया था आश्वासन

अदालत में दिए लिखित आश्वासन में दोनों कार्यकर्ताओं ने कहा था कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कोई काम नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिया था कि जब तक जंतर-मंतर को नियमानुसार प्रदर्शन स्थल घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। भविष्य में किसी भी प्रदर्शन को संवैधानिक दायरे में रखने की बात भी कही थी।

दिल्ली में हिरासत के बाद पार्टी का पहला बड़ा प्रदर्शन

दिल्ली में 13 अक्तूबर 2026 को पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद यह सीजेपी का पहला बड़ा प्रदर्शन होगा। उस दिन पार्टी के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान अभिजीत दिपके के साथ आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस का आरोप था कि इन लोगों ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने की कोशिश की। उस समय जंतर-मंतर अधिसूचित प्रदर्शन स्थल भी नहीं था।

क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए रांका और दास

इस मामले की जांच के सिलसिले में सीजेपी के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका गुरुवार को दिल्ली क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचे। पूछताछ के बाद बाहर आए रांका ने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का भी बचाव किया। रांका ने कहा, ‘आज 13 अक्तूबर की घटनाओं को लेकर सामान्य पूछताछ हुई। हमने कहा है कि जांच कोई भी एजेंसी कर रही हो, हम पूरा सहयोग करेंगे। जंतर-मंतर या किसी दूसरी जगह, यहां तक कि सार्वजनिक सड़क पर तिरंगा दिखाना अपराध नहीं माना जाना चाहिए।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी।

एसआईआर के विरोध में इंडिया गठबंधन भी कर चुका है रैली

इससे पहले रविवार को इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और एसआईआर के विरोध में बड़ी रैली की थी। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेता शामिल हुए थे। राहुल गांधी ने रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कथित वोट चोरी में मदद करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा और जेल भेजा जाएगा।

21 अक्तूबर को अदालत से मिली थी रिहाई

दिल्ली पुलिस ने दास और रांका को 13 अक्तूबर के प्रदर्शन से जुड़े मामले में हिरासत में लिया था। पुलिस का आरोप था कि दोनों निजी परिसर के रास्ते जंतर-मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हुए और शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन किया। इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर 21 अक्तूबर को उन्हें रिहा किया गया। अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती मुचलके भरने का निर्देश दिया था। साथ ही हर सुनवाई पर पेश होने और कानून का पालन करने को कहा था।

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