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Savitribai Jyotirao Phule Fellowship Scheme : बेटी को PHD पर मिलेंगे रुपए

📅 28 December 2024, 12:51 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 9 मिनट में पढ़ें
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Savitribai Jyotirao Phule Fellowship Scheme : बेटी को PHD पर मिलेंगे रुपए
Savitribai Jyotirao Phule Fellowship Scheme : बेटी को PHD पर मिलेंगे रुपए
  • Savitribai Jyotirao Phule Fellowship Scheme : सवित्रीबाई ज्योतिराव फुले फेलोशिप योजना के तहत एकल बालिका संतान को विशेष अनुदान दिया जाएगा। सवित्रीबाई ज्योतिराव फुले फेलोशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड (SJSGC) उच्च शिक्षा विभाग, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा एक महत्वपूर्ण फेलोशिप योजना है।
  • यह योजना उन लड़कियों के लिए है, जो परिवार में एकमात्र संतान हैं और पीएच.डी. के लिए शोध कार्य कर रही हैं। यदि कोई लड़की जुड़वां बहनों में से एक है, तो वह भी इस योजना के लिए पात्र मानी जाती है। प्रत्येक वर्ष, पात्र आवेदनों की संख्या के आधार पर फेलोशिप की संख्या तय की जाती है। यह योजना न केवल बालिका शिक्षा को बढ़ावा देती है बल्कि समाज में एकल बालिका संतान के महत्व को भी उजागर करती है।

    Scholarship Girls : फेलोशिप की अवधि अधिकतम 5 वर्षों की होती है। यह या तो चयन वर्ष के 1 अप्रैल से, या फेलोशिप के तहत विश्वविद्यालय/कॉलेज/संस्थान में वास्तविक प्रवेश तिथि से शुरू होती है। फेलोशिप पीएच.डी. शोध प्रबंध जमा करने या 5 वर्षों के पूरे होने तक जारी रहती है, जो भी पहले हो। 5 वर्षों से अधिक अवधि के लिए फेलोशिप का विस्तार संभव नहीं है।

    women empowerment programs in india : योजना के तहत ‘सिंगल गर्ल चाइल्ड’ यानी परिवार में एकमात्र लड़की है, जिसका कोई भाई या बहन न हो। एक लड़की जो जुड़वां बेटियों/भाई-बहनों में से एक है, वह भी इस योजना के तहत फेलोशिप के लिए आवेदन करने के लिए पात्र है। फेलोशिप के लिए स्लॉट की संख्या हर साल ऑनलाइन मोड के माध्यम से प्राप्त सभी तरह से पूर्ण पात्र आवेदनों के आधार पर तय की जाएगी।

    योजना के उद्देश्य

  • उच्च शिक्षा का समर्थन
  • समाज विज्ञान के क्षेत्र में एकल बालिका संतान के उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • छोटे परिवार के मूल्य को मान्यता
  • छोटे परिवार के महत्व और लाभ को मान्यता देना।
  • एकल बालिका संतान का समर्थन
  • समाज में एकल बालिका संतान के महत्व को उजागर करना और प्रोत्साहित करना।
  • जागरूकता का प्रचार
  • समाज में एकल बालिका संतान के विचार को प्रोत्साहित करना और स्वीकृति बढ़ाना।
  • लड़कियों का प्रोत्साहन
  • समाज में बालिकाओं को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बढ़ावा देना।
  • आर्थिक सहायता

  • फेलोशिप राशि
  • JRF (जूनियर रिसर्च फेलो): ₹ 31,000 प्रति माह (शुरुआती दो वर्षों के लिए)
  • SRF (सीनियर रिसर्च फेलो): ₹ 35,000 प्रति माह (अवशिष्ट अवधि के लिए)
  • अनुदान राशि

  • मानविकी और समाज विज्ञान :
  • प्रारंभिक दो वर्षों के लिए ₹ 10,000 प्रति वर्ष और शेष अवधि के लिए ₹ 20,500 प्रति वर्ष।
  • विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी:
  • प्रारंभिक दो वर्षों के लिए ₹ 12,000 प्रति वर्ष और शेष अवधि के लिए ₹ 25,000 प्रति वर्ष।
  • एस्कॉर्ट रीडर सहायता

  • दिव्यांग शोधार्थियों को ₹ 3,000 प्रति माह प्रदान किया जाएगा।
  • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
  • छात्रावास उपलब्धता: यदि संस्थान द्वारा छात्रावास दिया जाता है, तो केवल छात्रावास शुल्क देय होगा।
  • स्व-व्यवस्था: यदि शोधार्थी स्वयं आवास की व्यवस्था करती हैं, तो उन्हें भारत सरकार के नियमों के अनुसार HRA मिलेगा।
  • चिकित्सा सहायता

  • शोधार्थियों को संस्थान की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • छुट्टी के प्रावधान

  • आम छुट्टी : एक वर्ष में अधिकतम 30 दिनों की अर्जित छुट्टी और सार्वजनिक छुट्टियां ली जा सकती हैं।
  • मातृत्व/पितृत्व अवकाश : भारत सरकार के प्रावधानों के अनुसार मातृत्व या पितृत्व अवकाश की अनुमति है।
  • अंतराल अवकाश (Intermittent Break) : महिला शोधार्थियों के लिए पूरे कार्यकाल में अधिकतम 1 वर्ष तक का अवकाश लिया जा सकता है।
  • शैक्षणिक अवकाश : शोध कार्य से संबंधित गतिविधियों के लिए 1 वर्ष तक का शैक्षणिक अवकाश लिया जा सकता है।
  • पात्रता

  • लड़की छात्राएं : जो परिवार में एकमात्र संतान हैं और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/कॉलेज में पीएच.डी. कर रही हैं।
  • उम्र सीमा : सामान्य वर्ग: अधिकतम 40 वर्ष है। हालांकि आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/PWD): अधिकतम 45 वर्ष
  • शिक्षा का तरीका : नियमित, पूर्णकालिक पीएच.डी. प्रोग्राम में प्रवेश अनिवार्य है।
  • आवेदन प्रक्रिया

  • government schemes for women : आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं।
  • स्टेप 1: गाइडलाइन्स पढ़ें

    UGC की वेबसाइट पर योजना के दिशा-निर्देश पढ़ें और पात्रता सुनिश्चित करें। साथ ही अपडेट दिशा निर्देश के लिए सरकार की अधिकृत वेबसाइट https://frg.ugc.ac.in/ विजिट कर सकते हैं।

    स्टेप 2: रजिस्ट्रेशन

  • “न्यू यूजर” पर क्लिक करें।
  • पंजीकरण विवरण भरें और ईमेल पता प्रदान करें।
  • फोटोग्राफ और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
  • स्टेप 3: लॉगिन

  • लॉगिन क्रेडेंशियल प्राप्त करें।
  • पासवर्ड बदलें।
  • स्टेप 4: पात्रता फॉर्म भरें

  • एकल बालिका संतान होने का प्रमाण ₹100 के स्टांप पेपर पर जमा करें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • स्टेप 5: पीजी और पीएच.डी. विवरण भरें
  • शैक्षणिक योग्यता और शोध संबंधी जानकारी भरें।
  • स्टेप 6: घोषणा

  • घोषणा पढ़ें और सहमति दें।
  • आवश्यक दस्तावेज़
  • पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर।
  • शोध प्रस्ताव और सारांश।
  • एकल बालिका संतान होने का प्रमाणपत्र।
  • आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट (संस्थान प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित)।
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  • क्या आवेदन भरने के बाद फेलोशिप की गारंटी होती है?
  • नहीं, यह चयन प्रक्रिया पर निर्भर करता है।
  • क्या यह योजना पार्ट-टाइम पीएच.डी. के लिए लागू है?
  • नहीं, यह केवल नियमित और पूर्णकालिक पीएच.डी. के लिए है।
  • गलत जानकारी के लिए कौन जिम्मेदार होगा?
  • आवेदक और संबंधित संस्थान।
  • फेलोशिप का भुगतान कब शुरू होगा?
  • चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद।
  • क्या आवेदन ऑफलाइन जमा किया जा सकता है?
  • नहीं, आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं।
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