राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव का रास्ता साफ : हाईकोर्ट में सरकार ने पेश किया पूरा रोडमैप
जयपुर. राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है. राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनाव का पूरा रोडमैप पेश कर दिया है. इसके तहत 15 नवंबर 2026 तक प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे. चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका का निस्तारण कर दिया है और साफ कहा है कि तय समयसीमा के भीतर ही चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों का विस्तृत कार्यक्रम पेश किया. सरकार ने बताया कि ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित आयोग 5 अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगा. इसके बाद 6 अगस्त से 15 अगस्त 2026 के बीच सीटों के आरक्षण और लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. 17 अगस्त 2026 को नगरीय निकाय चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी होगा, जबकि 22 अगस्त 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
सरकार के अनुसार, 20 सितंबर 2026 तक निकाय चुनावों की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी. सुनवाई के बाद संयम लोढ़ा ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार चुनाव टालना चाहती थी, लेकिन हाईकोर्ट की सख्ती के चलते उसे कार्यक्रम घोषित करना पड़ा. हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार ‘एक देश-एक चुनाव’ की वकालत करती है, तो पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ क्यों नहीं कराए जा रहे.
सरकार ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि 23 सितंबर 2026 को पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी होगी और 15 नवंबर 2026 तक पंचायत चुनाव भी पूरे करा लिए जाएंगे. चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने याचिका का निस्तारण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी परिस्थिति में अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा और सरकार व आयोग को तय समयसीमा में ही चुनाव संपन्न कराने होंगे.
दरअसल, कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा समेत अन्य याचिकाकर्ताओं ने पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. करीब डेढ़ साल से लंबित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तारीखें सामने आने के साथ ही अब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है.
पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें
ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।
संबंधित खबरें
सभी देखें →
राजस्थान में सभी विवाहों का 60 दिन के भीतर पंजीकरण अनिवार्य, लिव-इन संबंध पर नया नियम : विवाह-तलाक का पंजीकरण अनिवार्य :
श्री अनिल पालीवाल डायरेक्टर जनरल एवं कमांडेंट जनरल, होम गार्ड्स, राजस्थान, जयपुर के पद पर पदभार ग्रहण किया