📅 Saturday, 05 September 2026 | 12:48 AM IST
लाइव सेंसेक्स: 76,515.43 ▼ -54.97 (-0.07%) निफ्टी 50: 23,897.70 ▼ -16.70 (-0.07%) 🪙 सोना 24K (10g): ₹156,655 🥈 चांदी (1kg): ₹250,000 🌧️ इंदौर: 23°C (बारिश)
जयपुर

राजस्थान में पंचायती राज और निकायों के चुनाव 15 नवंबर तक होंगे

📅 21 July 2026, 12:16 PM ✍️ S.P.MITTAL BLOGGER ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
शेयर करें:
WhatsApp Facebook Twitter Telegram Instagram
राजस्थान में पंचायती राज और निकायों के चुनाव 15 नवंबर तक होंगे
राजस्थान में पंचायती राज और निकायों के चुनाव 15 नवंबर तक होंगे

भजन सरकार की मंशा के अनुरूप आया हाईकोर्ट का फैसला

जयपुर. 20 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट के एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीत पुरोहित ने आदेश दिया कि राजस्थान में पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनाव आगामी 15 नवंबर तक हर हाल में हो जाने चाहिए।

हाईकोर्ट ने यह आदेश कोर्ट की अवमानना याचिका पर दिए। असल में हाईकोर्ट ने पहले अप्रैल और फिर 31 जुलाई 2026 तक चुनाव करवाने के आदेश सरकार को दिए थे। जब 31 जुलाई के आदेश दिए गए तब सरकार के मंत्रियों की ओर से कोर्ट के बाहर कहा गया कि चुनाव अक्टूबर नवंबर में होंगे। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक चुनाव न कराने का कारण बताया गया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आई है।

मजे की बात यह है कि सरकार ने 25 मई 2025 को सेवानिवृत्त न्यायाधीश भाटी की अध्यक्षता में ओबीसी आयोग का गठन किया था, लेकिन एक साल से भी ज्यादा का समय गुजर जाने के बाद भी आयोग की रिपोर्ट तैयार नहीं हुई। इस बीच सरकार ने आयोग का कार्यकाल तीन बार बढ़ाया हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को जो आदेश दिया है, वह भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की मंशा के अनुरूप ही है।

हाईकोर्ट ने 15 नवंबर की जो डेडलाइन दी उससे पहले ही सरकार की ओर से बताया गया कि निकाय चुनावों की प्रक्रिया 17 अगस्त और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 23 सितंबर से शुरू हो जाएगी। निकाय चुनाव की मतगणना 11 सितंबर तथा पंचायत चुनाव में पंच सरपंच के चुनाव 4 नवंबर तक हो जाएंगे। सरकार के शपथ पत्र के बाद हाईकोर्ट ने 15 नवंबर 2026 तक चुनाव करवाने का आदेश जारी किया। यानी भजन सरकार की मंशा के अनुरूप ही हाईकोर्ट का फैसला आया है।

  • वन स्टेट वन इलेक्शन : भले ही शहरी निकाय और पंचायती राज के चुनाव में विलंब हो रहा हो, लेकिन इस बार इन दोनों संस्थाओं के चुनाव वन स्टेट, वन इलेक्शन की नीति के तहत हो रहे हैं। इसे भजन सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जाना चाहिए कि राजस्थान में दोनों बड़ी संस्थाओं के चुनाव एक साथ हो रहे हैं।
  • पूर्व में इन संस्थाओं के चुनाव अलग अलग तिथियों पर होते रहे, इससे प्रदेश में पूरे पांच वर्ष चुनाव का माहौल बना रहता था। गत कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी स्वीकार किया कि पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनाव के कारण बार बार आचार संहिता लगती है, जिसकी वजह से सरकार के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ता है। 

    S.P.MITTAL BLOGGER

    📲

    पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें

    ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।

    चैनल से जुड़ें →

    संबंधित खबरें

    सभी देखें →
    WhatsApp हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें