इंदौर
मुख्यमंत्री ने माना-बड़ी लापरवाही हुई... भागीरथपुरा मामले पर इंदौर में कल बड़ी बैठक
paliwalwani
इंदौर.
इंदौर में भागीरथपुरा जल कांड के बाद शहर में आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मरीजों से मुलाकात के बाद प्रेस वार्ता आयोजित की... इस प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि बड़ी लापरवाही के चलते उक्त घटनाक्रम हुआ... इस मामले में कल एसीएस संजय दुबे इंदौर में ही रहकर बड़ी बैठक करेंगे...
सीएम ने कहा - लापरवाहों पर सख्त कार्रवाई तो होगी ही, वहीं सीवरेज व जल लाइनों की तकनीकी खामियां भी सुधारेंगे... हालांकि ये बात किसी के गले नहीं उतरी जब यह कहा गया - ''दूषित पानी से अब तक 4 मौतों की पुष्टि हुई है..!''

"जब नाश मनुज पर छाता है, सबसे पहले विवेक मर जाता है...''
लोग मर रहे... पत्रकार सवाल भी ना पूछें... ये हैं मंत्री जी के बोल... घंटा!!!
बता दें, जब इनके पुत्र का बल्ला कांड हुआ था तब भी इन्होंने इसी तरह पत्रकारों से बदतमीजी की थी... खैर! कोई बात नहीं मंत्री जी... आपके पास बड़ा 'मीडिया मैनेजमेंट' है... वो इस बार भी सब संभाल लेगा..!
यह साल एक बार फिर इंदौर को आठवीं बार नंबर वन लेकर आया, लेकिन दुख की बात यह रही कि इसी साल चूहों के कूतरने से प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत हो गई। रही सही कसर जाते हुए दिसंबर ने पूरी कर दी, जब नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए गंदे पानी से कई लोगों की मौत हो गई। इंदौर की पहचान ही राजवाड़ा है। वहीं से सबकुछ शुरू होता है, वहीं खत्म।
खुशी हो या गम राजवाड़ा ही इसका गवाह बनता है। मैंने सोचा, उसी से पूछ लेते हैं, कैसा रहा इंदौर में 2025 का अनुभव। अब उसने जो कहा-वह आप से शेयर कर रहा हूं- मैंने पूछा-2025 अब जा रहा है। इस साल तो तुम बहुत खुश हुए होगे। तुम्हारे आंगन में मध्यप्रदेश की कैबिनेट भी बैठी।
बोला राजवाड़ा-हां, खुशी तो हुई थी। हमारे पास मंत्री-संत्री तो आते रहते हैं, लेकिन सारे एक साथ दिखे। तब मुझे खूब सजाया-संवारा गया। ऐसा लगा मानों होलकरवंश में कोई शादी हो। अब क्या-क्या फैसले हुए और उनमें से किन-किन पर अमल हुआ, यह दीगर बात है।







