स्वास्थ्य
दिल में फ्लूइड जमा होने से भी हो सकता है हार्ट अटैक, जानें किसे होता है गंभीर पेरिकार्डियल इफ्यूजन का खतरा...
paliwalwani
दिल हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी अंग है. यह शरीर के सभी हिस्सों में खून पंप करने में अहम भूमिका निभाता है. हालांकि, आजकल हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे . यहां तक कि युवा लोग भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं. दिल से जुड़ी कोई भी समस्या जानलेवा हो सकती है.
इसीलिए अपने दिल का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. दिल को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान और लाइफस्टाइल पर खास ध्यान देना चाहिए. आजकल बहुत से लोग दिल से जुड़ी एक और समस्या से अनजान हैं और वह है पेरिकार्डियल इफ्यूजन (pericardial effusion). इस स्थिति में, दिल के चारों ओर फ्लूइड जमा हो जाता है. यह एक गंभीर स्थिति है. इस खबर में डॉक्टर से जानिए कि पेरिकार्डियल इफ्यूजन असल में क्या होता है और इसके लक्षण क्या हैं...
पेरिकार्डियल इफ्यूजन क्या है
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, पेरिकार्डियल इफ्यूजन एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल के चारों ओर की थैली (पेरिकार्डियम) में अधिक फ्लूइड जमा हो जाता है, जिससे दिल पर दबाव पड़ता है और उसकी नॉर्मल रूप से पंप करने की क्षमता पर असर पड़ता है. यह कई कारणों से हो सकता है, जिसमें इन्फेक्शन, चोट, कैंसर, ऑटोइम्यून बीमारियां या थायराइड की समस्याएं शामिल हैं. डॉक्टरों के अनुसार, पेरिकार्डियल इफ्यूजन, या दिल के चारों ओर फ्लूइड जमा होना, एक गंभीर स्थिति है. अगर लक्षणों की पहचान समय पर हो जाए, तो जानलेवा स्थितियों से बचा जा सकता है. दिल के चारों ओर फ्लूइड जमा होने से ब्लड सर्कुलेशन पर भी असर पड़ता है.
पेरिकार्डियल इफ्यूजन के लक्षण क्या हैं?
- दिल में तेज दर्द या सीने में दर्द
- सांस लेने में दिक्कत
- सीने में जकड़न और दबाव
- दिल की धड़कन तेज होना
- सिरदर्द, चक्कर आना
- कुछ मामलों में बेहोशी
- खाना निगलने में दिक्कत
- घबराहट, उलझन
- थोड़ा सा काम करने के बाद भी थका हुआ और कमज़ोर महसूस करना
- बहुत ज्यादा पसीना आना
पेरिकार्डियल इफ्यूजन के कारण
दिल में फ्लूइड जमा होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें इन्फेक्शन, दिल की चोट, दिल की बीमारी, खाने की आदतें और लाइफस्टाइल में बदलाव शामिल हैं. दिल के आसपास फ्लूइड जमा होने के कुछ मुख्य कारण ये हैं...
- वायरल, बैक्टीरियल, या प्रोटोजोअल इन्फेक्शन
- कैंसर या कैंसर वाले ट्यूमर
- थायरॉइड या ऑटोइम्यून बीमारियां
- दिल की चोट या सर्जरी की दिक्कतें
- हार्मोनल असंतुलन
- पेरिकार्डियल इफ्यूजन से बचाव
इस समस्या से बचने के लिए, डॉक्टर से सलाह लें. रेगुलर चेक-अप करवाएं.
- हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल अपनाएं. अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाना शामिल करें. हर दिन कम से कम तीस मिनट एक्सरसाइज करें. तेज चलना भी फायदेमंद होता है.
- स्ट्रेस कम करना बहुत जरूरी है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हेल्दी दिल के लिए स्ट्रेस मैनेज करना जरूरी है. अपनी लाइफस्टाइल में योग और मेडिटेशन जैसी चीज़ों को शामिल करें.
- पर्याप्त नींद लेना भी बहुत जरूरी है. हर रात कम से कम 7 से 8 घंटे सोने की कोशिश करें.
(डिस्क्लेमर- इस रिपोर्ट से जुड़ी सभी हेल्थ जानकारी और सलाह सिर्फ जानकारी के लिए हैं. हम यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दे रहे हैं. लेकिन, इस जानकारी पर अमल करने से पहले कृपया अपने पर्सनल डॉक्टर से सलाह लें.)





