आपकी कलम
गुरुकृपा से मिला नवजीवन : शांतिकुंज में कृतज्ञता का प्रणाम
paliwalwani
अखिल विश्व गायत्री परिवार, गोरखपुर रचनात्मक ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी डॉ. दीनानाथ सिंह के रूप में मैं 25 अप्रैल से गंभीर स्वास्थ्य समस्या के कारण कुछ समय तक पूर्णतः बिस्तर पर रहा। परिस्थितियाँ इतनी चुनौतीपूर्ण थीं कि ऐसा प्रतीत होने लगा मानो जीवन अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा हो। किंतु ऐसे कठिन समय में परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीया माताजी की असीम कृपा, संरक्षण और आशीर्वाद ही मेरे लिए सबसे बड़ा संबल बने।
ईश्वरीय अनुग्रह और आप सभी के स्नेह, शुभकामनाओं एवं प्रार्थनाओं से स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। लगभग एक माह बाद चलने-फिरने की स्थिति बनी और जून माह से पुनः नियमित रूप से सामाजिक एवं मिशन के कार्यों में सक्रिय होना प्रारंभ किया।
स्वास्थ्य लाभ के उपरांत 25 जून को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार पहुँचकर गुरुदेव एवं माताजी के श्रीचरणों में कृतज्ञतापूर्वक प्रणाम किया। यज्ञ में सहभागिता का सौभाग्य प्राप्त हुआ, अखंड दीप के दर्शन किए तथा दिव्य वातावरण में आत्मिक शांति का अनुभव किया। दिव्य भोजनालय में भोजन-प्रसाद वितरण की सेवा का अवसर भी मिला, जिसे मैंने अपने जीवन का सौभाग्य माना।
गुरुसत्ता के श्रीचरणों में बारंबार प्रणाम करते हुए मैंने यह संकल्प लिया कि नवजीवन के इस अमूल्य उपहार को समाज, राष्ट्र और युग निर्माण के कार्यों में समर्पित करूँगा तथा गोरखपुर में गायत्री परिवार के मिशन को नई ऊर्जा, नई शक्ति और पूर्ण समर्पण के साथ आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास करता रहूँगा।
डॉ. दीना सिंह : अखिल विश्व गायत्री परिवार
गोरखपुर मो. 9140315846।






