पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की वोटिंग जोरों पर चल रही है। रिकॉर्ड मतदान के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक जदयू प्रदेश कार्यालय का दौरा किया, जबकि विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने "रिजल्ट, रिस्पेक्ट और राइज" का नारा दिया
दोपहर के समय जब वोटिंग अपने चरम पर थी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सहयोगी मंत्री विजय चौधरी के साथ पटना स्थित प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, चुनावी स्थिति का जायजा लिया और उनके समर्पण के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
जदयू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, हर कदम विश्वास का, हर कदम विकास का। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।
मंत्री विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, जदयू कार्यालय में मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं से जो सूचनाएं मिल रही हैं, वे संतोषजनक हैं। हर क्षेत्र में NDA के पक्ष में मतदान हो रहा है और लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी रिकॉर्ड मतदान है। यह उत्साह बिहार की जनता के विकास और सुशासन के प्रति भरोसे को दिखाता है।
उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा, शपथ लेने से कोई किसी को नहीं रोक सकता, लेकिन बिहार के राज्यपाल नीतीश कुमार को ही शपथ दिलाएंगे। वे ही अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। संभावित हार देखकर विपक्ष बौखलाहट में बयानबाजी कर रहा है।
दूसरी ओर राजद के तेजस्वी यादव ने वोटिंग के बीच एक भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि बिहार के हर जिले से रिकॉर्ड वोटिंग की खबरें आ रही हैं, जहां बुजुर्ग, पहली बार वोट डालने वाले युवा, महिलाएं, किसान और व्यापारी जागरूकता के साथ मतदान कर रहे हैं।
तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा, मन गदगद है, मेरे बिहार ने कमाल कर दिखाया है। हर जाति, हर वर्ग ने लोकतंत्र के इस महोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया है। अब ये कदम रुकने नहीं चाहिए।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की, आपकी उंगली की नीली स्याही ही आपके भविष्य को स्वर्णिम बनाएगी। पिछले 20 वर्षों की आलोचना करते हुए तेजस्वी ने कहा, बीस साल में युवाओं को रोजगार नहीं मिला, किसान को राहत नहीं मिली, व्यापारी घाटे से उबर नहीं पाया और आम आदमी महंगाई के बोझ से दबा रहा। अब बिहार बदलाव चाहता है, विकास चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा, हमारी हर नीति लोकनीति है, हर कदम लोकहित में है। असली आज़ादी तभी मिलेगी जब बिहार भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, घूसखोरी और असमानता से मुक्त होगा।
तेजस्वी ने नारा दिया, अब बिहार को रिजल्ट, रिस्पेक्ट और राइज चाहिए। उनके 17 महीनों की सरकार का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि नीतियां जमीनी स्तर पर लागू की जा सकती हैं।
डिजिटल डेस्क