नाथद्वारा नगर पालिका में फंसा रोमांचक पेंच : 20-19-1 के समीकरण में ब्रजवासी समाज बना किंगमेकर, निर्दलीय प्रकाश सनाढ्य के हाथ में सरकार की चाबी

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नाथद्वारा. 14 सितंबर। नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत नाथद्वारा नगर पालिका के चुनाव बेहद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और अब नतीजों ने सबसे बड़ा सियासी रोमांच खड़ा कर दिया है। 40 वार्डों वाली इस महत्वपूर्ण नगर पालिका में 39 वार्डों के नतीजे आने के बाद मुकाबला पूरी तरह से फंस गया है। भारतीय जनता पार्टी को 20 सीटें, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 19 सीटें और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है। बहुमत के लिए 21 का जादुई आंकड़ा चाहिए और ऐसे में एक अकेला निर्दलीय पार्षद पूरी सरकार बनाने और बिगाड़ने में सबसे अहम भूमिका में आ गया है।

इस चुनाव की सबसे बड़ी और चमत्कारिक बात यह निकलकर सामने आई है कि इस बार नाथद्वारा में सरकार बनाने में सबसे बड़ी भूमिका ब्रजवासी समाज निभाने जा रहा है। नाथद्वारा कोई सामान्य नगर पालिका नहीं है, यह एक अंतरराष्ट्रीय महत्व की धर्म नगरी और पर्यटन नगरी है। आज नाथद्वारा विश्व पटल पर छाया हुआ है और ऐसे में इस नगरी का चेयरमैन बनना अपने आप में किसी वरदान से कम नहीं है। यह बड़ा सौभाग्य है कि जिसे भी इस धर्म नगरी की सेवा करने का मौका मिलेगा वह प्रभु श्रीनाथजी की कृपा का पात्र होगा।

नगर के प्रबुद्धजनों, बुद्धिजीवी वर्ग, गणमान्य नागरिकों और जागरूक युवाओं का मानना है कि इस बार जो चुनावी वातावरण बना और जो 20-19 का फंसा हुआ समीकरण बना है, उसमें कहीं न कहीं प्रभु श्रीनाथजी की कृपा और चमत्कार ही है कि सरकार बनाने की चाबी ब्रजवासी समाज के हाथ में आ गई है। लोगों में चर्चा है कि अब जो भी नगर पालिका अध्यक्ष बनेगा वह ब्रजवासी समाज से ही होगा।

इस पूरे सियासी ड्रामे का केंद्र बिंदु निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश सनाढ्य बन गए हैं। सारा दारोमदार अब प्रकाश सनाढ्य पर आ टिका है। प्रकाश सनाढ्य जिधर अपना रुख करेंगे, उधर ही नाथद्वारा की सरकार बनेगी। वह इस चुनाव के असली किंगमेकर बनकर उभरे हैं।

इधर अध्यक्ष पद के लिए कई दिग्गजों की नजरें इस कुर्सी पर टिकी हुई हैं। भाजपा खेमे से प्रमुख दावेदारों में  प्रदीप काबरा, परेश सोनी,   रजनी लोधा,जैसे नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस खेमे में कभी सीपी जोशी के खास माने जाने वाले कई दिग्गज अध्यक्ष पद की दौड़ में थे, जिनमें गोपाल गुर्जर,मनीष राठी, दिनेश जोशी, रमेश राठौड़, राकेश शर्मा जैसे बड़े नाम शामिल थे, लेकिन इनमें से कई दिग्गजों के चुनाव हार जाने से अब बचे हुए पार्षदों पर ही पूरा दारोमदार आ गया है।

फिलहाल स्थिति बेहद रोचक बनी हुई है। देखना यह होगा कि ब्रजवासी समाज अपनी एकजुटता दिखाकर नगर में अपनी सरकार देने में सक्षम हो पाता है या नहीं। यह तय है कि नाथद्वारा नगर पालिका का अगला चेयरमैन ब्रजवासी समाज की सहमति के बिना नहीं बन सकता और इसी समाज के आशीर्वाद से नई सरकार का गठन होगा।

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