उमा भारती ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, उज्जैन सांसद भी आस्था के पक्ष में
- प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सीएम को भोपाल मॉडल अपनाने का किया आग्रह.
- उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ यादव को शिवराज सिंह का दिया उदाहरण, मस्जिद को छुआ तक नहीं था.
- ख़ुलासा फर्स्ट की बात को उमा में आगे बढ़ाया, बोली- सीएम उज्जैन के निवासी, मंदिर की गरिमा को अच्छे से समझते हैं.
- खड़े हनुमानजी को हटाने के शोर के बीच मुख्यमंत्री ने विदेश से लौटते ही हनुमान अंश फ़िल्म देखी.
- सांसद फ़िरोजिया बोले- मंदिर व प्रतिमा का विस्थापन सभी पक्षों की सहमति से हो.
- विस्थापन के ख़िलाफ़ विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल सहित अन्य हिंदू संगठनों ने भी खोला मोर्चा.
- मॉडल से साध्वी हर्षानंद गिरी बनी हर्षा रिछारिया पहुँची दर्शन करने, टूटे हुए मन्दिर की जगह भव्य मंदिर बनाने की आवाज़ बुलंद की.
आईटी एक्सपर्ट कमेटी की जांच रिपोर्ट नही आई, अब सबकी नज़रे मुख्यमंत्री डॉ यादव की तरफ़
नितिनमोहन शर्मा
उज्जैन. विध्वंस के बीच 'हनुमान अंश'। जी हां, गुरुवार को असल मे ये प्रदेश में घटित भी हो गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कल ये ख्यात फ़िल्म देखी। फ़िल्म से जुड़े किरदारों से मुलाकात भी। सीएम, हनुमान अंश का हिस्सा तब बने, जब एक तरफ़ सूबे की सबसे बड़ी व प्राचीन धार्मिक औऱ ज्योतिर्लिंग नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर हो रहे विकास कार्य के कारण मंदिरों का विध्वंस चल रहा हैं।
इस विध्वंस की चपेट में उज्जयिनी के मशहूर खड़े हनुमानजी महाराज भी आ गए हैं। दस-ग्यारह दिन से हनुमानजी सरकार को विस्थापित करने के प्रयास चल रहे हैं लेकिन वे फ़लीभूत नही हो रहे। खड़े हनुमान जी यहां ' हठीले वीर हनुमानजी ' के स्वरूप में आ गए हैं। वे अपनी जगह से टस से मस न हो रहें हैं और देश दुनियां में सुर्खियां बटोर रहें हैं। ठीक ' हनुमान अंश ' फ़िल्म की तरह, खड़े हनुमानजी महाराज भी राष्ट्रीय मीडिया की हेडलाइन बने हुए हैं।
हालात ये हो गए है कि उज्जैन में इन ' हठीले हनुमान ' की एक झलक पाने हज़ारों का सैलाब उमड़ने लगा है। खड़े हनुमानजी के विग्रह ने ' हठ ' के ज़रिए स्वयम के जागृत होने का संकेत क्या दिया, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर स्थानीय सांसद तक हनुमानजी के पक्ष में खड़े हो गए हैं। प्रतिमा हटे या न हटे? इस मसले पर अब सबकी टकटकी उन मुख्यमंत्री की तरफ़ हैं, जिन्होंने कल टकटकी लगाकर हनुमान अंश फ़िल्म देखी।
उज्जैन के छोटा सराफा स्थित खड़े हनुमान के विस्थापन को लेकर 30 अगस्त से शुरू हुआ विरोध अब बढ़ता जा रहा हैं। भक्तों और साधु संतों के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता व जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ रहें हैं। शुक्रवार को भाजपा की वरिष्ठ नेता व प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर खड़े हनुमान जी के लिए सड़क निर्माण का प्लान बदलेने का सुझाव दिया। वही सांसद अनिल फ़िरोजिया में कहा कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर सभी सम्बंधित पक्षों की सहमति के बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उमा भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव स्वयम उज्जैन के है और शहर के धार्मिक स्थलों की गरिमा व जनता की आस्था को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने भोपाल में सड़क चौड़ीकरण के दौरान धार्मिक स्थल को प्रभावित किये बगैर प्लान में बदलाव किए जाने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि विकास व आस्था, दोनो का साथ लेकर चला जा सकता हैं। इसी आधार पर उन्होंने खड़े हनुमानजी के मामले में भी सड़क निर्माण की योजना में बदलाव करने का सुझाव दिया।
सांसद फ़िरोजिया ने कहा कि खड़े हनुमानजी का विषय सीधे जनता की आस्था व भावनाओ से जुड़ा हैं। ऐसे संवेदनशील मामले में जिला प्रशासन को सर्व समाज व साधु संतों और व्यापारियों, मंदिर से जुड़े लोगों व जनप्रतिनिधियों के साथ पहले ही बैठक कर चर्चा करना चाहिए थी। आगे जो भी निर्णय लिया जाए, वह सभी सम्बंधित पक्षों की सहमति से हो ताकि किसी की धार्मिक आस्था व भावनाओं पर ठेस न पहुँचे।
आस्था व निर्माण के बीच का समाधान चुनौती बना
जिला प्रशासन की तरफ़ से बुधवार को खड़े हनुमान जी की मूर्ति की गहराई की जांच आईआईटी विशेषज्ञ से कराने की बात कही गई थीं। हालांकि गुरुवार को पूरे दिन मन्दिर परिसर में जांच टीम के पहुचने को लेकर कोई गतिविधि नजऱ नही आई। पुजारी महेश बैरागी ने बताया कि जिला प्रशासन की तरफ़ से उन्हें जांच टीम के आने को लेकर कोई जानकारी नही दी गई हैं। खड़े हनुमानजी के दर्शन के लिए मन्दिर में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही हैं। एक तरफ जिला प्रशासन सड़क निर्माण की योजना को लेकर आगे बढ़ रहा है वही दूसरी तरफ खड़े हनुमानजी को विस्थापन नही करने की मांग जोर पकड़ रही हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के सामने सड़क निर्माण और धार्मिक आस्था के बीच सर्वमान्य समाधान निकालने की चुनौती हैं।
साध्वी हर्षानंद गिरी बोली- यहां भव्य मंदिर बने
खड़े हनुमान जी मन्दिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच गुरुवार सुबह साधु संतों के पहुचने का सिलसिला जारी रहा। इसी दौरान मॉडल से साध्वी व अब स्वामी हर्षानंद गिरी बनी हर्षा रिछारिया ने खड़े हनुमानजी के दर्शन किये। उन्होंने कहा कि हनुमानजी ने एक बार फ़िर अपने जागृत का प्रमाण दिया हैं। हनुमंत लाल ने संकेत दिया है कि वे यहां से जाना नहीं चाहते। यहां अयोध्या जैसी स्थिति न बने और भव्य मंदिर बने ताकि भक्त यही दर्शन कर सकें।