जिन शासन एकता संघ ने जताया कड़ा विरोध, होटल पर कार्रवाई की मांग - राजेश जैन दद्दू
इंदौर. इंदौर के फाइव स्टार होटल रेडिसन ब्लू में हुई बड़ी लापरवाही को लेकर जैन समाज एवं सकल शाकाहारी वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। होटल के वेज काउंटर पर लेमन कोरिएंडर सूप के नाम पर चिकन सूप परोसने के मामले को राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने गंभीर अपराध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राष्ट्रीय प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा -
- "यह सिर्फ एक लापरवाही नहीं, बल्कि हमारे धर्म और धार्मिक भावनाओं पर सीधा हमला है। जिस व्यक्ति ने जीवन भर मांसाहार को छुआ तक नहीं, जिसे जैन संस्कार मिले हैं, उसे फाइव स्टार होटल में वेज के नाम पर चिकन परोसना अत्यंत निंदनीय है। यह हमारे 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत का अपमान है। रेडिसन ब्लू जैसे बड़े ब्रांड से इस तरह की गलती अक्षम्य है।"
दद्दू जी ने कहा
1. यह घटना बताती है कि होटल में वेज और नॉनवेज के लिए अलग-अलग किचन, अलग बर्तन और अलग स्टाफ की कोई व्यवस्था नहीं है। कलर एक जैसा है कहकर पल्ला झाड़ना प्रबंधन की गैर-जिम्मेदारी को दर्शाता है।
2. इंदौर, जो अहिंसा और शाकाहार की नगरी है, यहाँ इस प्रकार की घटना से पूरे देश के शाकाहारी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
3. यदि आज एक सूप में चिकन आ सकता है, तो कल किसी भी शाकाहारी थाली में क्या परोसा जाएगा, इसका क्या भरोसा?
जिन शासन एकता संघ की प्रमुख मांगें -
- - होटल प्रबंधन सार्वजनिक रूप से लिखित में माफी मांगे और पीड़ित अतिथि से क्षमा याचना करे।
- - जिला प्रशासन, खाद्य विभाग एवं FSSAI इस मामले का संज्ञान लेकर होटल के फूड लाइसेंस की जांच करे और भारी जुर्माना लगाए।
- - होटल में वेज और नॉनवेज काउंटर, किचन और बर्तनों को पूरी तरह से अलग-अलग किया जाए और स्पष्ट रूप से बोर्ड लगाया जाए।
- - भविष्य में किसी भी धार्मिक समाज की भावनाएं आहत न हों, इसके लिए स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जाए।
राजेश जैन दद्दू ने कहा कि यदि होटल प्रबंधन ने 48 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं दिया और कार्रवाई नहीं हुई तो जिन शासन एकता संघ, सकल जैन समाज एवं शाकाहारी संगठनों के साथ मिलकर रेडिसन ब्लू का शांतिपूर्ण विरोध एवं बहिष्कार करेगा और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
दद्दू ने शाकाहार में विश्वास रखने वाले सभी समाज बंधुओं से अपील की है कि जब तक होटल अपनी व्यवस्था नहीं सुधारता, तब तक ऐसे आयोजनों से दूरी बनाएं जहाँ शाकाहार की पवित्रता का ध्यान न रखा जाता हो।