वैक्सीनेशन नहीं लगवाने वाले बच्चों को स्कूल से निकाला जायेगा, शासकीय सुविधाएं भी होगी बंद : कलेक्टर

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मध्यप्रदेश. 15 से 17 वर्ष के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। शाजापुर जिले में 80 प्रतिशत से अधिक बच्चों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। जिन बच्चों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ, इसके लिए जिला प्रशासन प्रयास भी कर रहा है। जिले के अमलाय पत्थर में आज कलेक्टर दिनेश जैन अधिकारियों के साथ वैक्सीनेशन की स्थिति जानने के लिए पहुंचे थे। कलेक्टर ने जिन बच्चों ने टीके नहीं लगवाए उनके अभिभावकों को फोन लगवाया।

कलेक्टर के सामने ही एक बच्चे के पिता ने वैक्सीनेशन करवाने से मना कर दिया और कहा मेरी जिंदगी खराब कर ली, वही बहुत है, उसकी जिंदगी खराब नहीं करूँगा। कुछ अभिभावक बच्चों को वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते, इस पर कलेक्टर सख्त नजर आए। कलेक्टर ने कहा ऐसे बच्चों को स्कूल में रखा जाए या नहीं, इस बात पर विचार किया जाएंगा। साथ ही उनकी शासकीय सुविधाएं भी बंद की जा सकती हैं।

वैक्सीन का बोलने पर कलेक्टर से क्या कहा पिता ने...

कलेक्टर के आदेश पर जिला टीकाकरण अधिकारी दीपक पीपलवे ने कक्षा 10 वीं के छात्र फैजान के पिता नौशाद खां को फोन किया और टीकाकरण के संबंध में बात की। फोन पर पिता ने अपने बेटे को टीका लगाने से मना कर दिया। सुनिए पूरी बात...

  • टीकाकरण अधिकारी- फैजान के पिताजी बोल रहे हैं
  • पिता- हां, बोल रहा हूं
  • टीकाकरण अधिकारी- फैजान को टीका क्यों नहीं लगा अभी तक
  • पिता- नहीं लगवाया सर
  • टीकाकरण अधिकारी- क्यों नहीं लगवाया कारण बताएंगे आप
  • पिता- सर, आप गारंटी लेते हो तो, मैं टीका लगवा देता हूं
  • टीकाकरण अधिकारी- हम ले लेते हैं, गारंटी..आप ले आओ.
  • पिता- मैंने टीके के दोनों डोज लगवाए हैं..
  • टीकाकरण अधिकारी- हां, तो उसको भी लगवाइए, उसे भी तो जरुरत है…
  • पिता- उसको नहीं लगवाना, उसकी जिंदगी खराब नहीं करना. अपनी जिंदगी खराब कर ली, वही बहुत है…
  • टीकाकरण अधिकारी- क्या हुआ आपको
  • पिता-आप मेरे से घर आकर मिलो तो बताऊंगा
  • टीकाकरण अधिकारी- कहां है घर आपका
  • पिता- अभी तो मैं घर नहीं हूं, बाहर हूं...
  • टीकाकरण अधिकारी- हम आ जाएं, बताओ घर कहां हैं
  • पिता- अभी मैं औरंगाबाद हूं
  • टीकाकरण अधिकारी- हम वहां कैसे आएंगे 
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