प्रति
- पी एम ओ ऑफिस (दिल्ली)
- वित्त मंत्रालय (वित्त मंत्री सीतारमण जी)
- वाणिज्यिक मंत्री पीयूष गोयल जी
- इंदौर सांसद शंकर लालवानी जी
इंदौर. कन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के इंदौर जिला अध्यक्ष जितेंद्र रामनानी ने बताया की हमने सरकार को पत्र लिखकर यह माँग की हे -की जो हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री का स्वप्न हे। डिजिटल भारत एंड डिजिटल करंसी अर्थात् भारत वर्ष की २०३० में फाइव ट्रिलियन इकोनॉमी--उस दिव्य स्वप्न पर ०.४का करारोपण (एम.डी आर) कठोराघात है और सरकार की कथनी और करनी में अंतर प्रदर्शित करता है।
यू पी आई पर टैक्स अर्थात कैश भुगतान को प्रोत्साहित करना और डिजिटल भुगतान को हतोत्साहित करनाकैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा की आज यशस्वी प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर उनकी लंबी आयु का दिया जलाते हुए हम इस करारोपण को जड़ सें समाप्त करने की माँग करते है।
बाज़ारो में कई उत्पादों पर नेट प्रॉफिट बहुत न्यूनतम होता है
जिस पर ०.४का सरचार्ज लगाना और सरचार्ज सेवा पर भी १८जीएसटी लगाकर उसको व्यवहारिकता में लाना कदापि संभव नहीं है
और यह व्यापारियों पर एक अतिरिक्त कार्य और करारोपण है जो व्यापारियों को विवश होकर पुनः कैश लेनदेन की और अग्रसर करेगा जिससे पुनः नकली करंसी और अर्थव्यवस्था को धीमा करने का प्रयास मात्र सिद्ध होगा।
हम सरकारी की मंशा अनुरूप २०,०००/- तक के लेन देन तक को कर मुक्त की माँग रखते हे और यदि इसे १००समाप्त करे तो व्यापारी वर्ग करतल ध्वनि से उसका स्वागत करेगा और भारत वर्ष की इकोनॉमी में सुधार के रूप में अपना व्यापार का विस्तार करके अपना सतत् योगदान देगा।
केश का बाज़ारो में चलन पिछले कुछ वर्षों से समाप्त होता जा रहा हे ग्राहक अर्थात आम नागरिक चाहे १०/- की सब्ज़ी ख़रीद रहा हो याँ १ लाख रुपये की टी वी वो भुगतान के लिए जेब सें मोबाइल ही निकालता हे और जब भुगतान के समय व्यापारी ०.४की अलग से माँग रखेगा तो आम नागरिक केवल और केवल सरकार को कोसेगा और वह ग्राहक अपना ग़ुस्सा कहीं ना कहीं तो अवश्य निकालेगा।
०.४ के एम डी आर को हम जड़ सें समाप्त की माँग करते हे
रमेश गुप्ता : राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
जितेंद्र रामनानी अध्यक्ष जिला इंदौर M. 9424811548
संजय आहुजा : संगठन मंत्री M. 89890 06115
KAIT : कॉन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स