Sanjay Lahoti
इंदौर.
इंदौर में अपने कट्टर समर्थक प्रमोद टंडन के विष्णुपुरी स्थित निवास पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 26 अगस्त 2026 की रात अचानक पहुंच कर इंदौर के सियासी खेमे में हलचल मचा दी,
महाराज द्वारा कांग्रेस को बाय -बाय करने के बाद उनके तमाम समर्थकों ने भी कांग्रेस से किनारा कर लिया था. उन्हीं में से एक प्रमोद टंडन भी थे, कुछ समय पूर्व टंडन ने वापस कांग्रेस में वापसी कर ली थी, जिससे ज्योतिरादित्य सिंधिया नाराज थे...महाराज की नाराज़गी के बाद लम्बे समय से टंडन ने राजनीति से ही तौबा कर ली थी और अपने व्यापार कारोबार और परिवार के साथ स्वास्थ्य पर ध्यान देने लगे.
26 अगस्त 2026 की रात जब श्री सिंधिया टंडन के घर पहुंचे तब भारतीय जनता पार्टी के अनेक नेता और सिंधिया समर्थक वहां मौजूद थे..,इन सबके अलावा शहर के प्रभावशाली पत्रकार भी.., सिंधिया का टंडन के निवास पर अचानक आ जाना प्रारंभिक दृष्टि से तो उनके टंडन से पारिवारिक रिश्ते थे, जिनका सम्मान करते हुए वे पहुंचे और पूरे परिवार से आत्मीयता पूर्वक मिल कर उन रिश्तों को और भी मजबूत कर गए.
लेकिन इन सबसे जुदा कुछ ऐसे संकेत भी थे, जो बता रहे थे कि महाराज टंडन की गलतियों को माफ कर उनके लिए सियासी रास्ता साफ कर रहे है. भारतीय जनता पार्टी में टंडन की वापसी कब और कैसे होगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा... लेकिन जाते - जाते सिंधिया ने टंडन को 'दिल्ली' आने का जो इशारा किया वो उनकी सियासी वापसी का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.