खेड़ा देवी चामुंडा माता और परिहार वंश की कुलदेवी श्री गाजण माता मंदिर में हुए धार्मिक अनुष्ठान, श्रद्धालुओं ने की सुख-समृद्धि की कामना
आमेट. हवन की पवित्र आहुतियां, वैदिक मंत्रोच्चार और माता के जयकारे... नवरात्रि के पावन पर्व पर आईड़ाणा के देवालय भक्तिमय वातावरण से गूंज उठे। शक्ति की उपासना के साथ गांव के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों—खेड़ा देवी चामुंडा माता मंदिर और परिहार वंश की कुलदेवी श्री गाजण माता मंदिर में विधि-विधान से घट स्थापना कर नौ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
नवरात्रि के प्रथम दिन दोनों मंदिरों में हवन-पूजन और कलश स्थापना के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर परिवार, गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिरों में आस्था और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
श्री गाजण माता मंदिर में हवन के साथ घट स्थापना
परिहार वंश की कुलदेवी श्री गाजण माता मंदिर में नवरात्रि के शुभारंभ पर हवन कर विधिवत घट स्थापना की गई। श्री गाजण माता सेवा समिति के प्रवक्ता राव दिलीप सिंह परिहार ने बताया कि इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों, संरक्षकों, सदस्यों और ग्रामीणों ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया तथा माता के दर्शन कर मंगलकामना की।
इस दौरान सेवा समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह, कोषाध्यक्ष जोरावर सिंह, प्रधान संरक्षक शम्भू सिंह सहित नाहर सिंह, तेज सिंह, भंवर सिंह, लाल सिंह, मोती सिंह, घासी सिंह, कान सिंह, मनोहर सिंह, मदन सिंह, जोरावर सिंह, प्रहलाद सिंह, जसवंत सिंह, भोपाल सिंह, चैन सिंह, नरेन्द्र सिंह, भरत सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, कुलदीप सिंह, तथा भोपा दल्ला राम और पेमा राम सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
खेड़ा देवी चामुंडा माता मंदिर में भी हुए अनुष्ठान
आईड़ाणा स्थित खेड़ा देवी चामुंडा माता मंदिर में भी हवन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना की गई। धार्मिक परंपराओं के अनुसार नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने मां चामुंडा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और क्षेत्र की उन्नति की प्रार्थना की।
नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा की आराधना
नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही आईड़ाणा के दोनों प्रमुख देवालयों में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर शक्ति की उपासना करेंगे। नवरात्रि के आगमन के साथ आईड़ाणा के दोनों शक्तिपीठों में धार्मिक आस्था की अनूठी छटा देखने को मिली। हवन की आहुतियों और माता के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने शक्ति, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।
M. Ajnabee, Kishan paliwal