एप डाउनलोड करें

रिकॉर्ड ऊंचाई से 6% तक गिरा सोना, अब किस ओर जाएंगे दाम...!

दिल्ली Published by: paliwalwani Updated Sun, 26 Oct 2025 10:30 AM
विज्ञापन
Follow Us
विज्ञापन

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नई दिल्ली.

सोने का भाव इस महीने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन, उसके बाद इसमें तेज गिरावट आई है। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड $4,381.21 प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था। वह अब 6से ज्यादा गिरकर $4,100 के आसपास आ गया है। यह 2013 के बाद का सबसे बड़ा एक दिन का नुकसान है। वहीं, भारत में सोने की कीमतें ₹1.32 लाख से गिरकर लगभग ₹1.21 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई हैं। यह वैश्विक संकेत और मौसमी डिमांड में कमजोरी से मेल खाती हैं।

तेज रैली के बाद निवेशकों का मुनाफा

आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद किस वजह से गोल्ड की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। साथ ही, अब गोल्ड किस ओर आगे बढ़ेगा। एनालिस्टों का कहना है कि गोल्ड में हाल की गिरावट का मुख्य कारण तेज रैली के बाद निवेशकों का मुनाफा बुक करना है। साथ ही, त्योहारों के बाद सोने की मांग में नरमी आई है। निवेशक भी अपने जोखिम को दोबारा जांच रहे हैं। इससे सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग थोड़ी कमजोर हुई है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वाइस प्रेसिडेंट अक्षा कंबोज का कहना है, 'निवेशक प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं, जिससे कीमतें गिरती जा रही हैं। इसके अलावा त्योहारों के बाद मांग स्थिर हो गई है। वहीं, मजबूत अमेरिकी डॉलर ने सुरक्षित निवेश में खरीदारी को कम कर दिया है।

अक्षा के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में गोल्ड की खरीदारी धीमी हो सकती है। लेकिन, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को अभी भी गोल्ड में वैल्यू नजर आ रही है। खासकर शादी के सीजन से पहले।

टेक्निकल रिवर्सल के संकेत

मार्केट एनालिस्ट यह भी मानते हैं कि सोने में तकनीकी सुधार की जरूरत थी। एंजल वन के चीफ टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट तेजस शिगरेखर का मानना है कि सोना 'ऐतिहासिक रूप से ओवरबॉट स्तर' तक पहुंच गया था। इसके चलते कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।

उन्होंने कहा, 'सोने की कीमत अपने पीक से लगभग 6गिर चुकी है, जो ट्रेंड रिवर्सल का संकेत देती है। ट्रेडर्स अब पुट ऑप्शन्स में हिस्सेदारी ले रहे हैं, क्योंकि सीजनल मांग कमजोर होने के साथ गिरावट जारी रहने की उम्मीद है।

अब किस ओर जाएगा सोना?

अब निवेशकों की नजर आने वाले अमेरिकी महंगाई डेटा पर है। अगर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) उम्मीद से कम आता है, तो सोने को फिर से सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन अगर महंगाई ज्यादा बनी रहती है और डॉलर मजबूत होता रहता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है।

हैरतंगेज रैली के बाद सोने में थोड़ा ठहराव दिख रहा है। अब यह ठहराव कुछ समय के लिए है, या लंबी गिरावट में बदल जाएगी, यह आने वाले हफ्तों में मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों पर निर्भर करेगा।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next