भोपाल. बंगाल की खाड़ी में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा पैदा कर रहा है। इसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में 3 से 5 नवंबर 2026 के दौरान मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। हालांकि, मध्यप्रदेश में तूफान का सीधा प्रभाव नहीं, बल्कि उससे जुड़ी मौसमी गतिविधियों के कारण असर पड़ने की संभावना है। चक्रवात के कारण पश्चिमी मध्यप्रदेश में 3 से 5 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक और मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही प्रदेश में पहले से चल रही ठंडक के बीच दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
आधी रात को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, 2 नवंबर को शाम 5:30 बजे मुरासु पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 14.7° उत्तरी अक्षांश और 80.7° पूर्वी देशांतर के पास केंद्रित था। यह पिछले छह घंटों में 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
तूफान उस समय आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से लगभग 80 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, कावली से 80 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और ओंगोल से 110 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था।
मौसम विभाग के अनुसार, मुरासु के 2 नवंबर की मध्यरात्रि से 3 नवंबर की सुबह के शुरुआती घंटों के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के निकट, दक्षिण आंध्र प्रदेश तट को पार करने की बहुत संभावना है। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
देश के पूर्वी समुद्र तटीय इलाके के लोग अभी चक्रवातीय तूफान अर्नब से अभी उबर नहीं पाए कि अब चक्रवाती तूफान मुरासु विकाराल रूप ले रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, ये तूफान बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा है. ये तूफान 27 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. आज देर रात ये आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकरा सकता है. तट को पार करते समय यहां 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है. ये नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट को पार करेगा. ये आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई जिलों को प्रभावित करेगा.
इसके असर से अगले तीन दिनों तक आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तटीय इलाकों और रायलसीमा जिलों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. सोमवार को कृष्णा, गुंटूर, बापटला, मरकापुरम, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.