October 2026 Rajyoga : साल 2026 का दसवां महीना अक्टूबर आज से आरंभ हो गया है. इस पवित्र महीने में पितृपक्ष, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा, शरद पूर्णिमा, करवा चौथ जैसे पर्व मनाए जाएंगे. साथ ही हर माह आने वाले एकादशी, मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत जैसे त्योहार भी पड़ेंगे. इसके साथ ही इस महीने में कई राजयोग का निर्माण होने जा रहा है, जिससे जीवन में बदलाव देखने को मिल सकता है. यहां एस्ट्रोलॉजर नितेश निरंजन बता रहे हैं अक्टूबर माह में होने वाले बड़े राजयोग और उनके प्रभाव के बारे में.
4 अक्टूबर को बनेगा त्रिग्रही योग, इन राशियों पर पड़ सकता है असर
अक्टूबर माह के आरंभ में ही 4 तारीख को चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. देवगुरु बृहस्पति और मंगल की मौजूदगी रहने वाली है. इससे चंद्रमा, गुरु और मंगल की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण होने जा रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस योग का प्रभाव 6 अक्टूबर तक रह सकता है.
17 अक्टूबर को सूर्य-बुध की युति से बनेगा बुधादित्य योग
अक्टूबर माह के मध्य यानी नवरात्रि के दौरान 17 अक्टूबर को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करने वाले हैं. तुला राशि में उस समय बुध की स्थिति रहेगी. सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य आत्मविश्वास, मान-सम्मान और नेतृत्व का कारक है, जबकि बुध बुद्धि, बातचीत, तर्क और व्यापार से जुड़ा माना जाता है.
20 अक्टूबर को बुध-शुक्र की युति से बनेगा लक्ष्मी नारायण योग
अक्टूबर माह की 20 तारीख को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. यहां पहले से ही बुध मौजूद हैं. शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध और शुक्र की युति को धन, सुख-सुविधा, कला और व्यापार से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए यह योग आर्थिक और कारोबार से जुड़े मामलों के लिए खास माना जाता है.
20 अक्टूबर को शुक्र के गोचर से बनेगा मालव्य योग
शुक्र के तुला राशि में आने से इसी दिन यानी 20 अक्टूबर को मालव्य योग का निर्माण भी होने जा रहा है. मालव्य योग को पंच महापुरुष योगों में से एक माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार, जब शुक्र अपनी राशि या उच्च राशि में होकर कुंडली के केंद्र भाव यानी पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में होता है, तब मालव्य योग बनता है.
31 अक्टूबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे गुरु
अक्टूबर महीने के अंतिम दिन यानी 31 अक्टूबर 2026 को बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि इससे ज्ञान, शिक्षा, विस्तार और समृद्धि में वृद्धि की संभावना बनती है.