सत्ता की होड़ या गाँव का कल्याण?
बामन टुकड़ा में ग्रामीण शुचिता की नई उम्मीद बनकर उभरे प्रकाश प्रजापती
Sunil Paliwal-Anil Bagora
बामन टुंकड़ा. भारतीय ग्रामीण स्वशासन का इतिहास गवाह है कि पंचायत चुनाव महज़ सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे समाज की अंतरात्मा और उसकी बदलती प्राथमिकताओं का आईना होते हैं।
कई सालों के बाद आज एक बार फिर ग्राम. बामन टुंकड़ा में जमकर पोस्टर वार ने सबका ध्यान आकर्षित किया...जीते कोई भी, लेकिन इतना तो तय हो गया कि जब भी गांव में किसी जरूरी काम की आवश्यकता होगी...तो ग्रामीण वासियों को इतने समाजसेवी और दानवीर उनकी मदद के लिए हमेशा अग्रणी नजर आएंगे...क्योंकि अधिकांश इनका जन्म चुनाव के दौरान ही होता है, फिर खामोश बनकर लुप्त हो जाते है... आप सभी भामाशाह जो चुनाव लड़ रहे है, उनके आपसी संबंध काफी मजबूत बने रहे...चुनाव आते है, जाते रहेंगे...लेकिन गांव की गरिमा हमेशा गौरवान्वित आपके सद्कामों से होती रहे...
हमारे गांव का इतिहास भी बहुत गौरवशाली है, विभिन्न जाति वर्ग के होते हुए भी एक माला के सूत्र में मिलकर गांव के विकास की बात कर रहे है...उसके लिए आप सभी साधुवाद के पात्र है...आप सभी से अप्रेक्षा की जाती है, कि गांव की गरिमा आपके हाथों में हैं...पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया के माध्यम से जमकर पोस्टवार हो रहा हैं...उसका भी स्वागत...
राजसमंद की बामन टुकड़ा ग्राम पंचायत इस समय एक ऐसे ही महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मोड़ पर खड़ी है। इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित सरपंच पद की इस चुनावी बिसात पर, दावेदारों की भीड़ के बीच एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है जिसने प्रबुद्ध मतदाताओं का ध्यान अपनी ओर गंभीरता से खींचा है—और वह नाम है प्रकाश प्रजापती का जब ग्रामीण राजनीति के घालमेल और सत्ता की आपाधापी का बारीकी से अध्ययन किया जाता है, तो अक्सर चरित्र और शुचिता की कमी खलती है।
परंतु, बामन टुकड़ा के इस चुनावी परिदृश्य में प्रजापती का आगमन एक सुखद बयार की तरह महसूस होता है। उनके व्यक्तित्व का सबसे सशक्त पहलू उनकी निडर और निर्भीक छवि है। सार्वजनिक जीवन में अन्याय के ख़िलाफ़ बिना किसी भय के सीना तानकर खड़े हो जाना और जनता के हक़ के लिए मुखर आवाज़ उठाना, उनके नेतृत्व की बुनियादी रीढ़ है।
वह व्यवस्था के सामने घुटने टेकने वाले अवसरवादी नहीं, बल्कि सच के लिए अड़ जाने वाले एक जुझारू व्यक्तित्व हैं राजनीति की मटमैली राहों पर जहाँ दागदार इतिहास आम बात बन चुके हैं, वहीं प्रजापती एक विशुद्ध ईमानदार और बेदाग छवि के धनी हैं।
उनकी यह निष्कलंक विश्वसनीयता ही उनकी सबसे बड़ी राजनैतिक पूँजी है, जो मतदाताओं में एक गहरा विश्वास पैदा करती है। इसके साथ ही, उनका सहज हसमुख और मिलनसार स्वभाव उन्हें पारंपरिक नेताओं के अहंकार से कोसों दूर ले जाकर सीधे गाँव के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति से जोड़ता है।
वे कोई मौसमी परिंदे नहीं हैं जो केवल चुनावों में दिखाई दें; बल्कि गाँव के हर छोटे-बड़े नागरिक के सुख-दुख में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहकर उन्होंने बरसों से अपनी सामाजिक प्रासंगिकता को प्रमाणित किया है।
इस चुनावी समर में प्रकाश प्रजापती का यह विज़न कि चुनाव को आपसी वैमनस्य का अखाड़ा न बनाकर एक रचनात्मक उत्सव बनाया जाए, उनके परिपक्व राजनीतिक चिंतन को दर्शाता है।
बहरहाल, बामन टुकड़ा की न्यायप्रिय जनता के सामने आज एक बेहद स्पष्ट और सशक्त विकल्प मौजूद है। उम्मीदवारों की इस लंबी कतार में से गाँव के समग्र विकास, ईमानदारी और निर्भीकता के लिए प्रजापती ही सबसे योग्य उम्मीदवार हैं।
बामन टुकड़ा के उज्ज्वल भविष्य और समग्र कल्याण के लिए यह समय एकजुट होकर एक सच्चे जनसेवक को चुनने का है। अतः समस्त देवतुल्य मतदाताओं से अपील है कि वे इस बेदाग और कर्मठ व्यक्तित्व को अपना पूर्ण समर्थन, सहयोग और आशीर्वाद देकर भारी मतों से विजयी बनाएं।
ओबीसी सीट पर प्रकाश प्रजापती के नाम की चर्चा, ग्रामीणों से समर्थन व आशीर्वाद की अपील
राजसमंद. ग्राम पंचायत बामन टुकड़ा में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। ओबीसी सीट निर्धारित होने के बाद संभावित उम्मीदवारों को लेकर गांव में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच प्रकाश प्रजापती का नाम भी सरपंच पद के उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है।
गांव में युवा नेतृत्व और पंचायत में बदलाव को लेकर समर्थकों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही है। समर्थकों का कहना है कि पंचायत को ऐसा नेतृत्व मिलना चाहिए, जो ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझे, युवाओं को साथ लेकर चले तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे।
समर्थकों का कहना है कि पंचायत चुनाव में मतदाताओं को जागरूक होकर उम्मीदवार की सोच, कार्यशैली, सामाजिक सरोकार और गांव के विकास के प्रति दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर अपना निर्णय लेना चाहिए।
प्रकाश प्रजापती की ओर से भी ग्रामीणों और युवाओं से आशीर्वाद, सहयोग एवं समर्थन की अपेक्षा जताई गई है। उनका कहना है कि अवसर मिलने पर गांव के विकास, युवाओं की भागीदारी, मूलभूत सुविधाओं तथा ग्रामीण समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा।
ओबीसी सीट के बाद बामन टुकड़ा में चुनावी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अब आने वाले दिनों में अन्य संभावित उम्मीदवारों के सामने आने के साथ मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है। पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीणों में भी उत्सुकता बढ़ती जा रही है।