28 दिसंबर 2024 को आपके प्रिय पक्का इन्दौरी अखबार ख़ुलासा फर्स्ट ने पुलिस प्रशासन को आगाह किया था कि मौत के इस मांजे से मुक्ति के लिए सिर्फ़ चाईना मांजा बेचने वालों के ख़िलाफ़ सख्ती से कुछ नही होगा। मौत की इस डोर पर सही मायनों में रोक तब ही लगेगी, जब इसका इस्तेमाल करने वालो के ख़िलाफ़ भी कानूनी धाराओं के तहत सख़्त कार्रवाई हो। इस हत्यारी डोर के विरुद्ध बीते बरस भी त्यौहारी दौर में पुलिसियां मुहिम चली थी।
तब ख़ुलासा फर्स्ट ने लिखा था कि अब समय आ गया हैं कि छत से उतारकर ऐसे पतंगबाजों को गिरफ़्तार किया जाए, जो इस मांजे का बेख़ौफ़ इस्तेमाल कर रहें हैं। बीते साल तो नहीं, लेक़िन शुक्र हैं कि इस साल इस बात की गूंज जिम्मेदारों तक पहुँची। इस साल इस पर अमल की मजबूत तैयारी शुरू हो गई।
'कलेक्टर साहिब, अब कोई गुलशन न उजड़े ' की मार्मिक मनुहार अहिल्या नगरी के लिए अब मर्मान्तक हो गई हैं। अब इंदौर में ऐसे लोग भी पुलिस-प्रशासन की राडार पर रहेंगे जो चाईना मांजे का उपयोग करेंगे। अब ऐसे लोग थाने की सेर करेंगे। पुलिस अब कभी भी छत पर आ सकती हैं। कभी भी वर्दी वाले आपकी पतंगबाजी के धागे यानी धागन को जांचने आ धमक सकतें हैं। तो सावधान हो जाओं, हत्यारी डोर से पतंग उड़ाने वालों। अगर ऐसा करते पाए गए तो हवालात तय है।
बुधवार को पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के निर्देश पर शहर के चारों जोन के डीएसपी ने थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में लगने वाली पतंग की दुकानों के सख़्ती से चेकिंग के निर्देश दिए। ये भी कहा है कि पतंग उड़ाने वालों की भी चेकिंग की जाए। चाइनीज डोर मिलने पर उन्हें भी थाने लाया जाए। बीट के जवानों को भी ये निर्देश दिए कि प्रमुख मार्गों व ऐसे इलाक़े जहां लोगो की आवाजाही अधिक हैं, सड़क किनारे खड़े होकर पतंगबाजी करने वालो पर भी सख्ती की जाए।
बेचने व खरीदने वाले ही नही, अब चाईना मांजे से पतंगबाजी करने वालो की भी खेर नही। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा चाईना मांजे के इस्तेमाल पर लगाये गए प्रतिबंध पर अब पुलिस प्रशासन भी सख़्त हो चला हैं। चाईना मांजा बेचने व भंडारण करने वालों के ख़िलाफ़ तो पूरे शहर में धरपकड़ चल ही रहीं हैं। अब निशाने पर इस्तेमाल करने वाले भी हैं। जब तक उपयोग करने वाले तबके पर कारवाई न होगी, तब तक इस मौत की डोर से मुक्कमल मुक्ति नही मिल पायेगीं।
इसी बात को मद्देनजर रखते हुए इंदौर पुलिस ने ऐसे लोगों को सख़्त चेतावनी दी है जो इस नायलॉन के धागे से पतंग उड़ाते हैं। अब पुलिस किसी भी वक़्त पतंगबाजी करने वालों का मांजा जांचने आ सकती हैं। इसके लिए वह छत पर भी आएगी और मैदान में भी सक्रिय रहेगी। इसके लिए कालोनियों, बस्तियों, मैदान, मल्टियाँ व बहुमंजिला इमारतों पर विशेष नज़र रखी जायेगी।
पतंगबाजी के लिए मशहूर इलाकों में ये काम ड्रोन से भी होगा। खासकर शहर के पश्चिमी हिस्से में विशेष नज़र रखी जायेगी। यही नही, सड़क किनारे खड़े रहकर पतंगबाजी करना भी अब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा ताकि राह चलते लोगों की सुरक्षा हो सकें। सड़क पर चलने वालों के गले-गाल-गर्दन न कटे, इसके लिए गली गली इस डोर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक की मुनादी भी की जाना शुरू हो गई हैं। ई रिक्शा से अलग अलग थाना क्षेत्रों में ये काम शुरू भी हो गया हैं।
पतंग की दुकानों पर हिदायत के बोर्ड व सूचना भी लगवाई जा रहीं है कि प्रशासन ने चाईना मांजे पर रोक लगा दी है। इसलिए न बेचे, न खरीदें, न इस्तेमाल करें। अगली कड़ी में जिला व पुलिस प्रशासन अब अभिभावकों को भी समझाइश का दौर चलाएगा कि वह अपने नोनिहालो को पारंपरिक मांजे के साथ ही पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें। इस काम में धर्म स्थलों व धर्म गुरुओ की भी मदद ली जाएगी।