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म्हूँ एक अध्यापक हूँ : राजेन्द्र सनाढ्य राजन

आपकी कलम Published by: paliwalwani Updated Fri, 16 Jan 2026 11:51 PM
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म्हूँ एक अध्यापक हूँ, 

मीनू सफेद जक हूँ, 

कोई भी परखी लों,

एकदम टकाटक हूँ। 

म्हूँ एक अध्यापक हूँ, 

इज्जत वाळो मनख हूँ, 

म्हनें खुद पे गरव हैं, 

नवीं पीढ़ी रो जनक हूँ। 

म्हूँ एक अध्यापक हूँ, 

सादगी री झळक हूँ, 

कसी भी सरकारां वो, 

वणा रे आँखा री पळक हूँ। 

म्हूँ एक अध्यापक हूँ, 

टाबरां री लळक हूँ, 

आज भी भारत माता रे, 

ललाट रो तलक हूँ। 

म्हूँ एक अध्यापक हूँ, 

विद्या रो हाचों पाळक हूँ, 

धन-दौलत री चकाचौंध मा, 

चमकतों मोती माणक हूँ। 

म्हूँ एक अध्यापक हूँ, 

विस्वास रो थानक हूँ, 

आज भी हर हालात मा, 

लोगा री रौनक हूँ। 

म्हूँ एक अध्यापक हूँ, 

भारत देस रो चालक हूँ, 

परिणाम क ई वैई राजन, 

अंडो आज भी धारक हूँ। 

अंडो आज भी धारक हूँ।। 

● 

  • राजेन्द्र सनाढ्य राजन

वाइस प्रिंसिपल रा उ मा वि नमाना

नि-कोठारिया, जि-राजसमंद, राजस्थान

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