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Amet News : पेंशनरों का केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध, वैधता अधिनियम 2025 वापस लेने की मांग
M. Ajnabee, Kishan paliwal
आमेट. राजस्थान पेंशनर समाज के बैनर तले पेंशनरों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए वैधता अधिनियम 2025 के विरोध में आवाज बुलंद की है। संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उक्त अधिनियम को वापस लेने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि यह अधिनियम पेंशनरों के हितों के खिलाफ है! और इससे पेंशन के निर्धारण में असमानता बढ़ेगी। पेंशनरों का कहना है कि इससे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ भी प्रभावित होगा। जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
संगठन ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पेंशन एक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है। जिसे कमजोर करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी पेंशनरों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए और इस अधिनियम को तुरंत निरस्त किया जाए।
इस संबंध में अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के आह्वान पर 25 मार्च 2026 को देशभर में विरोध दिवस भी मनाया गया। पेंशनर समाज ने चेतावनी दी हैं कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर जसराज खटीक, मदनलाल पुरोहित, गोवर्धन दास वैष्णव, गोवर्धन लाल पारीक, नानालाल खटीक, गोपीलाल रेगर, मोहनलाल माली, राधेश्याम आछेरा, ब्रह्मदत्त आचार्य, भंवरलाल पालीवाल, शांतिलाल सेठ, पुरुषोत्तम दास शर्मा, रतनलाल खटीक, बाबूदास वैष्णव, श्यामलाल गर्ग, मोहनलाल बुनकर, शंभू सिंह बड़वा, अब्दुल वहीद रहमानी, जगदीश सिंह चुंडावत आदि पेंशनधारी उपस्थित थे।
- M. Ajnabee, Kishan paliwal





