अपूरणीय क्षति : भूलवश और जानबूझकर : सांप्रदायिकता विरोधी योद्धा, कवि-समालोचक नासिर अहमद सिकंदर नहीं रहे, जलेसं ने दी श्रद्धांजलि
मशहूर साहित्यकार प्रो. अजहर हाशमी का निधन : एक अपूरणीय क्षति, ‘मुझको राम वाला प्यारा हिंदुस्तान चाहिए’
दिव्यांग विमर्श, संचेतना और दिव्यांग प्रतिभाओं के मंचीय प्रोत्साहन का म.प्र. साहित्य अकादमी का अभिनव प्रयास - हारा वही जो लड़ा नहीं