PF क्लेम देरी पर EPFO को झटका, 14 लाख पर 6% ब्याज चुकाने का आदेश
महाराष्ट्र की एक उपभोक्ता अदालत ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी के 14 लाख रुपये से अधिक के पीएफ दावे के निपटारे में 35 दिन की देरी पर 6% ब्याज चुकाने का आदेश दिया है। यह फैसला EPFO की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
मुंबई उपनगर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पिछले सप्ताह पारित आदेश में कहा कि ईपीएफओ ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के तहत निर्धारित 20 दिन की अवधि में दावा निपटाने में विफल रहकर सेवा नियमों का पालन नहीं किया है।
कर्मचारी ने याचिका में क्या कहा?
शिकायतकर्ता फ्लीट मैरीटाइम सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व कर्मचारी ने अपनी याचिका में कहा कि उन्होंने 19 अक्टूबर, 2016 को पीएफ निकासी का पूरा दावा जमा किया था, लेकिन EPFO ने तय समय सीमा में इसका निपटारा नहीं किया।
ईपीएफओ ने दलील दी कि कर्मचारी ने मूल दावे के साथ जरूरी संयुक्त घोषणा पत्र जमा नहीं किया था, इसलिए दस्तावेज सात नवंबर, 2016 को वापस कर दिए गए थे। संगठन को पूरे दस्तावेज दो दिसंबर, 2016 को मिले और इसके बाद 14 दिसंबर, 2016 को 20 दिन के भीतर दावा निपटा दिया गया।
EPFO की दलील हुई खारिज
हालांकि, आयोग ने ईपीएफओ की दलील को खारिज करते हुए कहा कि संगठन ऐसा कोई लिखित अस्वीकृति पत्र या कमी संबंधी सूचना पेश नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो सके कि पहली बार जमा किया गया दावा अधूरा था।
आयोग ने कहा, "उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विपक्षी पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि 19 अक्टूबर, 2016 को दावा अधूरा था।"
इसने कहा कि EPFO को तय समय सीमा में दावे की प्रक्रिया पूरी कर भुगतान करना चाहिए था। ऐसा नहीं करना ‘सेवा में कमी’ माना जाएगा। आयोग ने ईपीएफओ को 14,06,272 रुपये की दावा राशि पर 35 दिन की देरी अवधि (नौ नवंबर, 2016 से 13 दिसंबर, 2016 तक) के लिए सालाना छह प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया है। EPFO को आदेश का पालन करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है।
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