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इंदौर गैस पाइप लाइन हादसा : पार्षद बालमुकुंद सोनी पर केस दर्ज : बोरिंग मशीन की सुपुर्दगी पर भी कोर्ट सख्त

📅 22 July 2026, 12:20 AM ✍️ indoremeripehchan.in ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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इंदौर गैस पाइप लाइन हादसा : पार्षद बालमुकुंद सोनी पर केस दर्ज : बोरिंग मशीन की सुपुर्दगी पर भी कोर्ट सख्त
इंदौर गैस पाइप लाइन हादसा : पार्षद बालमुकुंद सोनी पर केस दर्ज : बोरिंग मशीन की सुपुर्दगी पर भी कोर्ट सख्त

इंदौर.

इंदौर के विजय नगर स्थित अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे को लेकर मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई में पेश हुए पुलिस अधिकारी द्वारा कोर्ट को जानकारी दी गई कि इस मामले में पार्षद बालमुकुंद सोनी पर केस दर्ज कर आरोपी बना लिया गया है। नगर निगम की रिपोर्ट में भी यह उल्लेख किया गया था कि मौके पर बोरिंग पार्षद द्वारा कराई जा रही थी।

पिछली सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए थे और केस डायरी पेश की थी। केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने जांच की दिशा और गंभीरता पर सवाल उठाते हुए असंतोष व्यक्त किया था। कोर्ट ने कहा कि यदि जांच की स्थिति ऐसी ही है तो फिर यह मामला किसी अन्य एजेंसी को सौंपने की आवश्यकता क्यों न समझी जाए। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित एसीपी को स्वयं अगली सुनवाई में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए थे।

सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में यह बात भी आई कि हादसे से जुड़ी बोरिंग मशीन और वाहन को जिला कोर्ट द्वारा वाहन मालिक की सुपुर्दगी में दिए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। इस तथ्य पर भी कोर्ट ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए थे और जांच अधिकारी से जवाब मांगा कि जांच लंबित रहने के दौरान इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई।

कोर्ट ने संकेत दिए कि मामले की जांच में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। जांच की प्रक्रिया और उसकी गति पर भी सवाल खड़े किए। गैस पाइपलाइन हादसे को लेकर मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। हादसे में झुलसे पीड़ितों को अब तक राहत राशि नहीं मिलने का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान उठा था। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा कि ऐसे हादसों में पीड़ितों को अंतरिम मुआवजा देने के संबंध में सरकार की क्या नीति है।

कोर्ट ने निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक शासन इस संबंध में अपना स्पष्ट पक्ष और नीति कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें। इस दौरान एसीपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने, जांच की प्रगति से अवगत कराने और मुआवजा नीति पर शासन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए थे।

दरअसल, 23 जून की दोपहर इंदौर के सुमन नगर जैन मंदिर के पास गैस पाइपलाइन में विस्फोट हो गया था। धमाके के साथ आग का विशाल गुबार उठा और कुछ ही सेकेंड में आसपास का पूरा इलाका इसकी चपेट में आ गया। हादसे में कई लोग झुलस गए, जिनमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरी राजकुमारी झाला भी शामिल थीं।

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