Saturday, 07 February 2026

इंदौर

Indore City : इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में हाइटेक आर्थोस्कोपी कैडेवरिक रिसर्च लैब शुरू

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Indore City : इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में हाइटेक आर्थोस्कोपी कैडेवरिक रिसर्च लैब शुरू
Indore City : इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में हाइटेक आर्थोस्कोपी कैडेवरिक रिसर्च लैब शुरू

नई लैब से स्पोर्ट्स इंजरी इलाज को नई दिशा 

 आर्थोस्कोपी कैडेवरिक लैब से बेहतर होगा स्पोर्ट्स इंजरी उपचार

इंदौर. इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में आर्थोस्कोपी कैडेवरिक रिसर्च लैब की शुरुआत की गई। यह लैब आधुनिक चिकित्सा शिक्षा और स्पोर्ट्स इंजरी के उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस अत्याधुनिक रिसर्च लैब का शुभारंभ अवसर पर मयंक वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया ने कहा कि इस प्रकार की उन्नत सुविधाएं क्षेत्र के मरीजों को महानगरों पर निर्भर होने से बचाएंगी।

आर्थोस्कोपी कैडेवरिक रिसर्च लैब के माध्यम से सर्जन वास्तविक मानव संरचना पर अभ्यास कर सकेंगे, जिससे उनकी सर्जिकल स्किल और अधिक सटीक होगी डीन डॉ. संजीव नारंग ने इसे इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक स्तर को राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूत करने वाला कदम बताया। 

स्पोर्ट्स इंजरी के इलाज में नई क्रांति

आर्थोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कलंत्री द्वारा कैडेवर पर लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया, जिसमें घुटना, कंधा सहित अन्य जोड़ों की आर्थोस्कोपिक सर्जरी की बारीक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया। यह डेमो विद्यार्थियों, रेजिडेंट डॉक्टरों और फैकल्टी के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स इंजरी जैसे लिगामेंट टियर, मेनिस्कस इंजरी, शोल्डर डिसलोकेशन आदि का इलाज अब और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। खेलों में बढ़ती भागीदारी के साथ स्पोर्ट्स इंजरी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। यह लैब स्पोर्ट्स इंजरी के सटीक निदान और आधुनिक उपचार तकनीकों को सीखने का प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी। इससे एथलीट्स और खिलाड़ियों को जल्द स्वस्थ होकर मैदान में वापसी करने में मदद मिलेगी। 

चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम

विभागाध्यक्ष आर्थोपेडिक्स लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कैडेवरिक लैब के माध्यम से मेडिकल छात्रों और पोस्टग्रेजुएट डॉक्टर थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी प्राप्त कर सकेंगे। पहले कैडेवर पर अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और सर्जरी में होने वाली जटिलताओं की संभावना कम होगी। यह लैब भविष्य में वर्कशॉप, ट्रेनिंग प्रोग्राम और राष्ट्रीय स्तर के कोर्स आयोजित करने में भी सहायक होगी। विभागाध्यक्ष एनाटॅामी डॅा.विमल मोदी ने कहा कि आर्थोस्कोपी कैडेवरिक रिसर्च लैब की शुरुआत से मरीजों को बेहतर उपचार, विद्यार्थियों को उन्नत प्रशिक्षण और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।इस अवसर पर डॅा.अभय मनचंदा,डॅा.जीएस पटेल,डॅा.प्रेम न्याती,अन्य डॅाक्टर और शिक्षक उपस्थित थे।

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