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धरती से खत्म हो रही है ऑक्सीजन? वैज्ञानिकों की चेतावनी से बढ़ी चिंता, जानिए क्यों मंडरा रहा है बड़ा खतरा

📅 21 July 2026, 04:09 PM ✍️ Paliwalwani ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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धरती से खत्म हो रही है ऑक्सीजन? वैज्ञानिकों की चेतावनी से बढ़ी चिंता, जानिए क्यों मंडरा रहा है बड़ा खतरा
धरती से खत्म हो रही है ऑक्सीजन? वैज्ञानिकों की चेतावनी से बढ़ी चिंता, जानिए क्यों मंडरा रहा है बड़ा खतरा

Oxygen Crisis Research: इंसान बिना भोजन के कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है, लेकिन अगर ऑक्सीजन ना मिले तो चंद मिनट भी जीवित रहना असंभव है. इंसान को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन बेहद जरूरी है. लेकिन, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि धरती से ऑक्सीजन खत्म होता जा रहा है. ऑक्सीजन की कमी से जीव-जंतु का जीवन भी प्रभावित हो रहा है, जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता जा रहा. चलिए, हाल ही में हुए एक रिसर्च से जानने की कोशिश करते हैं, आखिर धरती से ऑक्सीजन क्यों खत्म होता जा रहा है और वैज्ञानिकों ने इसको लेकर क्या चेतावनी दी है.

क्या कहती है वैज्ञानिकों की रिपोर्ट?

दरअसल, 30 जून 2026 को प्रकाशित एक वैज्ञानिक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि दुनिया भर के समुद्रों, झीलों, नदियों और तटीय इलाकों के पानी में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घट रहा . इससे समुद्री जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है . साथ ही पृथ्वी की जलवायु को संतुलित रखने वाले प्राकृतिक तंत्र कमजोर हो सकते हैं.

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, सांता बारबरा (UC Santa Barbara) के नेशनल सेंटर फॉर इकोलॉजिकल एनालिसिस एंड सिंथेसिस (NCEAS) की स्टडी के मुताबिक, पानी में ऑक्सीजन की यह कमी (Aquatic Deoxygenation) पृथ्वी को एक खतरनाक स्थिति की ओर ले जा रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो इसके असर सदियों तक बने रह सकते हैं और इन्हें इंसानी जीवनकाल में ठीक करना लगभग असंभव होगा.

कितना गंभीर है यह संकट?

अब तक जलवायु परिवर्तन और समुद्र के अम्लीय (Acidic) होने पर ज्यादा चर्चा होती रही है, लेकिन पानी में ऑक्सीजन की कमी पर बहुत कम ध्यान दिया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह समस्या भी ग्लोबल वार्मिंग जितनी गंभीर है और इसे पृथ्वी की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों में शामिल किया जाना चाहिए. स्टडी की मुख्य लेखक एरिका फेरर ने कहा कि पृथ्वी की सेहत जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) पर निर्भर करती है और इनके सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन जरूरी है.

पानी में ऑक्सीजन क्यों घट रही है?

  • ग्लोबल वार्मिंग- इससे पानी का तापमान बढ़ रहा है और गर्म पानी में ऑक्सीजन कम घुलती है.
  • खेती और सीवेज से होने वाला प्रदूषण- इसकी वजह से पानी में शैवाल (Algae) तेजी से बढ़ते हैं. इनके सड़ने पर बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन खत्म हो जाती है.
  • समुद्री धाराओं और पानी के प्रवाह में बदलाव- जिससे सतह का ऑक्सीजन युक्त पानी गहराई तक नहीं पहुंच पाता.
  • समुद्री जीवों पर पड़ेगा असर

    ऑक्सीजन की कमी से सूक्ष्म जीवों से लेकर मछलियों, शार्क और समुद्री स्तनधारियों तक सभी प्रभावित होंगे. इससे समुद्री जीवों के भोजन की कमी हो सकती है, उनके रहने के स्थान बदल सकते हैं और पूरी खाद्य श्रृंखला (Food Chain) प्रभावित हो सकती है.

    क्या है वैज्ञानिकों की चेतावनी?

    रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और पोषक तत्वों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दुनिया ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो पानी में जीवन के लिए जरूरी ऑक्सीजन लगातार घटती जाएगी. इससे पर्यावरण को ऐसा नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई आने वाली कई पीढ़ियां भी नहीं कर पाएंगी.

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