उज्जैन.
पेट्रोल की अफवाह ने उज्जैन में मचाया हड़कंप, ग्राहक लाइन में लगे घंटों, टंकी भरवाने में जुटे. उज्जैन में मंगलवार को पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी, सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहों से घबराकर लोग टंकियां फुल कराने पहुंच गए. हालांकि, पंप संचालकों ने स्पष्ट किया कि शहर में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है. पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सामान्य है, इसलिए लोगों से पैनिक बाइंग न करने की अपील की गई है.
एलपीजी संकट के बाद अब रतलाम में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों ने हालात बिगाड़ दिए हैं। सोमवार रात से ही शहर के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे कई पंपों का स्टॉक खत्म हो गया और उन्हें समय से पहले बंद करना पड़ा। इसका असर मंगलवार को भी देखने को मिला, जब हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए।
हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले के मुताबिक 24 मार्च की स्थिति में जिले के 184 पेट्रोल पंपों पर 13.26 लाख लीटर पेट्रोल और 16.16 लाख लीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
सूत्रों के अनुसार, ऑयल कंपनियों के डिपो से टैंकरों की सप्लाई समय पर नहीं मिलने की स्थिति बनी रही। इसी बीच कमी की अफवाह फैलते ही लोगों ने घबराकर पेट्रोल पंपों का रुख किया, जिससे कई जगह लंबी कतारें लग गईं और कुछ स्थानों पर विवाद की नौबत तक आ गई।
मंगलवार का दिन शहर के लिए कुछ अलग ही नज़ारा लेकर आया. शाम से ही पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ने लगी. लोग जल्दबाज़ी में अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पहुंच रहे थे. कुछ ही देर में हालात ऐसे बन गए कि कई पंपों पर लंबी कतारें लग गईं. पंप संचालक भी यह देखकर हैरान रह गए कि आखिर अचानक इतनी भीड़ क्यों उमड़ पड़ी. बाद में जब वजह सामने आई, तो पता चला कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने लोगों को डरा दिया था. किसी वास्तविक कमी के बिना ही लोगों ने घबराकर पेट्रोल भरवाना शुरू कर दिया.
दरअसल, सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर भ्रामक संदेश तेजी से वायरल हो रहे थे. इन संदेशों से घबराकर लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे और एहतियातन अपनी गाड़ियों में फ्यूल भरवाने लगे. जब उपभोक्ताओं से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली थी कि पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो सकती है, इसलिए वे तुरंत पंप पर पहुंच गए. वहीं पंप संचालकों ने स्पष्ट किया कि शहर में ईंधन की कोई कमी नहीं है. ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि यह स्थिति पूरी तरह पैनिक बाइंग के कारण बनी है.
ज्जैन शहर में मंगलवार का दिन आम दिनों जैसा ही शुरू हुआ था, लेकिन शाम के समय हालात बदल गए. सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें तेजी से फैलने लगीं और लोगों में घबराहट बढ़ गई. इसी डर के चलते लोग अपने-अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े. हर जगह लंबी कतारें लग गईं और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया.वहीं पंप संचालक इस स्थिति को देखकर हैरान थे, क्योंकि उनके पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद था.
इंदौर. इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम.एल.मारू ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जहां से लगातार डीलर्स को सप्लाई की जा रही है। ईंधन आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और कहीं भी किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
फोटो : इंदौर के एक पेट्रोल पंप का