उज्जैन.
मध्यप्रदेश में उज्जैन के तराना कस्बे में गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे दो पक्षों में विवाद हो गया। उपद्रवियों ने बस स्टैंड पर खड़ी 11 बसों में तोड़फोड़ कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लोगों को बलपूर्वक खदेड़ा। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में धारा 144 लागू.
उज्जैन के तराना में गुरुवार शाम को दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक प्रचारक और उनके साथी पर हुए हमले के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। आक्रोशित भीड़ ने बस स्टैंड पर खड़ी करीब 11 बसों के कांच फोड़ दिए और तोड़फोड़ की। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।
बस स्टैंड पर बजरंग दल के एक कार्यकर्ता के साथ मारपीट के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पथराव हो गया। उपद्रवियों ने वहां खड़ी बसों व निजी गाड़ियों के कांच फोड़ दिए। घटना में दोनों घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की शुरुआत गुरुवार शाम उस समय हुई जब वीएचपी के प्रचारक सोहेल ठाकुर और उनके साथी रजत ठाकुर के साथ कुछ असामाजिक तत्वों ने मारपीट कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने अचानक घेराव कर उन पर हमला बोला, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल तराना के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उज्जैन जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हिंदूवादी संगठन के नेता प्रणव मित्तल ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र की शांति भंग करने की साजिश बताया है।
मारपीट की खबर जैसे ही शहर में फैली, हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने तराना थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
इसी बीच, रात करीब 7:30 बजे उपद्रवियों ने बस स्टैंड पर खड़ी यात्री बसों को निशाना बनाया। लाठी-डंडों और पत्थरों से किए गए इस हमले में 11 बसें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उपद्रवी बसों के शीशे तोड़ते नजर आ रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन से अतिरिक्त पुलिस बल तराना भेजा गया है। एसपी (SP) प्रदीप शर्मा स्वयं स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि “घायलों की हालत अब खतरे से बाहर है। तराना में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और कुछ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।