शनि का नाम सुनते हैं लोगों के मन में एक भय व्याप्त हो जाता है. शनि देव सदैव अशुभ फल प्रदान करते हैं ऐसा नहीं है. शनि जब शुभ होते हैं तो व्यक्ति को जीवन में अपार सफलताएं प्रदान करते हैं. लेकिन शनि को कुछ काम पसंद नहीं है. इसलिए इनका ध्यान रखना चाहिए.
शास्त्रों में शनि देव को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. शनि को कर्मफलदाता भी कहा गया है. शनि कलियुग के दंडाधिकारी भी हैं. इसलिए लोग इनसे भय खाते हैं. लेकिन शनि उन्हीं लोगों को दंड देने का कार्य करते हैं जो गलत कार्य करते हैं, शनि को प्रसन्न रखना है तो इन कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन कामों को करने वालों को शनि देव कभी माफ नहीं करते हैं.
शनि उन लोगों को कठोर दंड देते हैं जो नियमों का पालन नहीं करते हैं. नियम, कानून को तोड़ने वालों को शनि अवश्य ही सजा देते हैं.
शनि देव उन लोगों को कठोर दंड देते हैं जो दूसरों के धन पर बुरी नजर रखता है. ऐसे लोगों को शनि अपनी दशा, साढ़ेसाती या ढैय्या के समय परेशानी प्रदान करते हैं.
शनि उन लोगों को कभी माफ नहीं करते हैं जो कमजोर लोगों को सताते हैं. शनि कमजोर और परिश्रम करने वालों का प्रतिनिधित्व करते हैं. जो लोग असहाय, दिव्यांग, कठोर परिश्रम से जीवनयापन करते हैं उन्हें कभी नहीं सताना चाहिए. दूसरों के अधिकारों का अतिक्रमण और हनन करने वालों को भी शनि माफ नहीं करते हैं.
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