जल ही जीवन है, जल है तो कल है-इस ध्येय वाक्य को जीवन में अंगीकार करना होगा : अन्यथा बूंद.. बूंद के लिए तरस जाएगा रतलाम

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जल ही जीवन है ,जल है तो कल है इस ध्येय वाक्य को जीवन में अंगीकार करना होगा अन्यथा इस वर्ष बूंद.. बूंद के लिए तरस जाएगा रतलाम जिले के निवासी...

सम्माननीय रतलाम जिले के नागरिक बंधुओ व विशेषकर मातृशक्ति से विशेष आग्रह -रतलाम जिले का नगर निगम रतलाम, नगर पालिका जावरा व अन्य नगर परिषद पिपलोदा, ताल, आलोट, नामली, धामनोद व बड़ावदा अल्प वर्षा के बाद जो करना है वह आवश्यक कदम उठाएंगे,  लेकिन हमारी भी एक जिम्मेदार नागरिक  (विशेष कर मातृशक्ति)  होने के नाते जिम्मेदारी है।

इस साल हमें प्रकृति से आधा पानी ही मिला है। अभी हमें ही समझना है। शुरुआत अपने घर से कीजिए-जैसे आप अपने ग्लास में उतना ही पानी ले जितना पी सके । हमेशा की तरह आधा ग्लास पानी पीना और आधा फेंकना बंद करना होगा । संपूर्ण रतलाम जिले की जनसंख्या लगभग दस लाख है। कल्पना कीजिए यह कर लिया तो रोज कितना पानी बचेगा।

बर्तन व कपड़े ‌धोने में भी पानी की मितव्ययिता का होना जरूरी है। नहाने के पानी में भी कुछ बचत की जा सकती है। नल की टोटी से कम से कम पानी बहना चाहिए। अपने घर के आसपास सार्वजनिक नल से अनावश्यक पानी नहीं बहे इस पर भी निगरानी और चौकीदारी जरूरी है। पानी में लिकेज होने की सूचना रतलाम जिले की समस्त नगरीय निकाय के जिम्मेदार पार्षदों एवं अधिकारियों को देकर पानी के बचत में अपना योगदान दिया जा सकता है।

टू व्हीलर एंड फोर व्हीलर वाहनों की धुलाई में भी पानी की बचत की जा सकती है। प्रतिदिन जो पानी का उपयोग करते हैं यदि अपने ही घर में प्रतिदिन यदि 10 - 15 लीटर पानी की बचत कर ली तो लाखों गैलन पानी हमें गर्मी में भी आसानी से प्राप्त हो सकता है । कुल मिलाकर हर एक दृष्टिकोण से यदि आप ओर हम सभी मिलकर जल ही जीवन है जल है तो कल है *इस ध्येय वाक्य को अभी-अभी से ही प्रचारित व दैनिक दिनचर्या में शामिल कर लेंगे तो रतलाम जिले में हम मिलजुलकर अल्प वर्षा पर भी आसानी से विजय प्राप्त कर लेंगे ।

  • बकलम - जगदीश राठौर पत्रकार M>9425490641
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