जगदीश राठौर
रतलाम.
रतलाम में मंत्री विजय शाह ने कहा कि 1,500 रुपये के हिसाब से हम करोड़ों रुपये दे रहे हैं, तो दो साल में एक बार तो मुख्यमंत्री का सम्मान बनता है. ढाई लाख में कम से कम पचास हजार तो आएं और नहीं तो जिनके ढाई-ढाई सौ बढ़ रहे हैं, उनकी जांच के बाद देखेंगे. किसी का आधार लिंक नहीं है, तो जांच थोड़ी पेंडिंग कर देंगे.
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने लाड़ली बहन योजना को लेकर एक विवादित बयान दिया है. वायरल वीडियो में वो लाभार्थियों के आगे कुछ शर्तें रखते हुए नज़र आ रहे हैं. मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह के एक वीडियो ने लाडली बहना योजना से जुड़े उनके बयानों को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है. वायरल वीडियो में शाह लाभार्थियों के सत्यापन का सुझाव देते हुए और यह संकेत देते हुए सुनाई दे रहे हैं कि कुछ शर्तों के पूरा न होने पर भुगतान रोका जा सकता है.उनकी इस टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है.
ऑपरेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की ब्रीफिंग करने वाली सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करके विवाद में आए मध्य प्रदेश के जनजातीय कल्याण मंत्री (कैबिनेट) विजय शाह ने अब लाड़ली बहनों को धमकी वाली बात कही है. रतलाम में शनिवार को सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित जिला विकास सलाहकार बोर्ड की बैठक में विजय शाह ने कहा कि अगर सरकार लाड़ली बहनों को करोड़ों रुपये दे रही है तो उन्हें मुख्यमंत्री का सम्मान करने के लिए आना चाहिए. जो सम्मान करने नहीं आएंगी, उनकी जांच करा देंगे.
दरअसल, राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सम्मान का कार्यक्रम रतलाम में होना है. इसमें लाड़ली बहनों को भी बुलाया जाना है. बैठक में मंत्री विजय शाह ने कहा कि 1,500 रुपये के हिसाब से हम करोड़ों रुपये दे रहे हैं, तो दो साल में एक बार तो मुख्यमंत्री का सम्मान बनता है. ढाई लाख में कम से कम पचास हजार तो आएं और नहीं तो जिनके ढाई-ढाई सौ बढ़ रहे हैं, उनकी जांच के बाद देखेंगे. किसी का आधार लिंक नहीं है तो जांच थोड़ी पेंडिंग कर देंगे.
कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विजय शाह ने जब विवादित बयान दिया था, तब भाजपा संगठन ने उन्हें नसीहत दी थी. इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद जताया लेकिन हंसते-हंसते. जून 2025 में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पचमढ़ी में आयोजित सांसद-विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग में किसी का भी नाम लिए बिना हिदायत दी थी कि एक बार गलती हो जाती है, लेकिन दोबारा न हो.
बता दें कि - इसके पहले मध्य प्रदेश के विजय शाह ने गत मई में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को कथित तौर पर आतंकवादियों की ‘बहन' बताया था. उनकी इस टिप्पणी का काफी विरोध हुआ. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर एफआईआर के निर्देश दिए. एफआइआर दर्ज हुई तो उसके खिलाफ शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार एसआइटी से मामले की जांच करा रही है. वह अभी तक पूरी नहीं हो सकी है.