दुर्घटना की जानकारी मिलते ही खुद मौक के लिए निकले एसपी विजय कुमार सकलानी ने बताया कि स्थानीय लोगों से मिली सूचना के मुताबिक गाड़ी में सवार लोग साच पास घूमने के लिए निकले थे. जब वाहन कालाबन क्षेत्र के पास पहुंचा तो चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और गाड़ी अनियंत्रित होकर 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी.
हादसे का शिकार हुए लोग हिमाचल घूमने आए थे. उन्होंने डलहौजी में एक इनोवा टैक्सी बुक की थी. डलहौजी में ही उनकी मुलाकात एक और टूरिस्ट फैमिली से हुई जिसके बाद दोनों परिवारों ने मिलकर बर्फीले पहाड़ों का दीदार करने के लिए गाड़ी शेयर की और साच पास के लिए निकल पड़े. हादसे के बाद लंबे समय तक किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी. बता दें कि, ये इलाका हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम इलाकों में से एक माना जाता है. यहां पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है. इस क्षेत्र में सही से नेटवर्क नहीं होने के कारण संपर्क करने में भी परेशानी पेश आ रही है.
साच पास को हिमाचल प्रदेश के सबसे कठिन और खतरनाक रास्तों में से एक माना जाता है. बैरागढ़ पुलिस चेक पोस्ट पार करने के बाद यह हादसा हुआ. पुलिस और प्रशासन के मुताबिक हादसे की मुख्य वजहें ये हो सकती हैं. पहला रास्ते में बर्फ और पाला जमने की वजह से कार फिसल गई होगी. दूसरा अंदेशा जताया जा रहा है कि देर रात होने के कारण ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई होगी. तीसरा गाड़ी में अचानक आई किसी मैकेनिकल खराबी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन की ओर से रेस्क्यू और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी.
एसपी विजय कुमार सकलानी के अनुसार, शाम तक जब अन्य वाहन वापस लौट आए और संबंधित गाड़ी की पुलिस चौकी में वापसी एंट्री नहीं हुई तो लोगों की चिंता बढ़ गई. इसके बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने वाहन की तलाश शुरू की. खोजबीन के दौरान कालाबन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी का पता चला. हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है. स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य की तैयारी शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि खाई काफी गहरी होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण हो सकता है. प्रशासन की ओर से मृतकों और हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है.
कब हुआ हादसा? : हादसा शुक्रवार, 29 मई 2026 रात को हुआ था, लेकिन इलाका बेहद पथरीला, दुर्गम और अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव कार्य) शुरू नहीं किया जा सका. आज (31 मई, रविवार) सुबह ठीक 8:00 बजे से तीसा और बैरागढ़ पुलिस के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू कर दिया है. 'बैरागढ़ कमेटी' ने स्थानीय लोगों से मदद की भावुक अपील की है। लोग चट्टानों और गहरी खाई में रस्सियों के सहारे ह्यूमन चेन (Human Chain) बनाकर उतर रहे हैं ताकि शवों को सुरक्षित सड़क तक लाया जा सके. फिलहाल मृतकों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है.