मुंबई. 15 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मिलावट और दूषित मसालों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए खुले और बिना पैकेट वाले मसाला पाउडर तथा मिश्रित मसालों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। इसके तहत मसालों को उत्पादन स्थल पर ही पैक और सीलबंद करना अनिवार्य होगा, ताकि उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उनके स्रोत का पता लगाने में मदद मिल सके।
खाद्य सुरक्षा नियामक ने मसालों को रोगाणुमुक्त करने के लिए एथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है। यह एक रंगहीन और ज्वलनशील गैस है। महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार ने मसालों के उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री को लेकर व्यापक आदेश जारी किया है। इसमें खाद्य कारोबार से जुड़े सभी संचालकों के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य किया गया है।
नियामक के अनुसार, यह आदेश हल्दी, मिर्च, धनिया, जीरा, काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, इलायची, हींग, केसर, खसखस, गरम मसाला, करी पाउडर और अन्य मसालों तथा मसाला आधारित उत्पादों के निर्माताओं, व्यापारियों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, ई-कॉमर्स कंपनियों, होटलों, भोजनालयों, कैटरर्स और संस्थागत रसोईघरों पर लागू होगा।
उन्होंने कहा कि मसालों में मेटानिल येलो, रोडामाइन बी, सूडान डाई और लेड क्रोमेट जैसे हानिकारक एवं अनधिकृत रंगों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। मुंढे ने चेतावनी दी कि मसालों का वजन या मात्रा बढ़ाने के लिए ईंट का चूरा, चाक पाउडर, लकड़ी का बुरादा, बाहरी स्टार्च या अन्य अनधिकृत पदार्थ मिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटिया गुणवत्ता के कच्चे माल को मिलाने और जिन मसालों से उनका अर्क निकाल लिया गया हो, उन्हें बेचने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मसालों को सार्वजनिक सड़कों, तारकोल वाली सतहों, नालियों, कूड़ेदानों या पशुशालाओं के पास नहीं सुखाया जा सकेगा। मसालों के उत्पादन और भंडारण वाले परिसर साफ-सुथरे, सूखे तथा कीटों से मुक्त होने चाहिए। मसालों के साथ कीटनाशक, औद्योगिक रंग, रसायन और अन्य हानिकारक पदार्थ रखने पर भी रोक होगी।
आयुक्त ने बताया कि मसालों के पैकेट पर उत्पाद का नाम, सामग्री, निर्माता का विवरण, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, निर्माण या पैकिंग की तारीख तथा उपयोग की अंतिम तारीख या बेहतर गुणवत्ता बनाए रखने की अवधि जैसी जरूरी जानकारियां दर्ज करनी होंगी।
मुंढे ने कहा कि संभावित कैंसरकारी प्रभावों की आशंका के कारण मसालों को रोगाणुमुक्त करने के लिए एथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। केवल कानूनन अनुमत प्रक्रियाओं से ही मसालों को रोगाणुमुक्त किया जा सकेगा।
मुंढे ने स्पष्ट किया कि उल्लंघन की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर खाद्य उत्पादों को जब्त करने, बिक्री रोकने, बाजार से उत्पाद वापस मंगाने, लाइसेंस निलंबित या रद्द करने और न्यायालय में मुकदमा चलाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। आदेश के तहत महाराष्ट्र भर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मसालों का कारोबार करने वाली इकाइयों का निरीक्षण करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
भाषा राजेश राजेश अजय