संजय चौबे ✍
मध्यप्रदेश की चर्चित नगर निगमों में से एक खण्डवा में लंबे समय से चल रही एल्डरमैन की रेस अब खत्म हो गई है ..सफल धावकों के नाम लिफाफे में बंद है .. अगले हफ्ते का इंतजार अभी और बाकी है .. दावेदारों की सांसें लिफाफा खोले जाने तक अटकी रहेंगी .. दावेदारों की खण्डवा से भोपाल परिक्रमा थमने का नाम नहीं ले रही है .. सभी दावेदारों के मन में लड्डू फूट रहें हैं .. वे अपने - अपने सियासी आका और काका के यहाँ जहाँ लगातार हाजिरी लगा रहे हैं .. वहीं हर हाल में सफल होने की जुगत भी भिड़ा रहे हैं ..
एल्डरमैन की नियुक्ति होने में काफी लंबा वक्त बीत चुका है .. अब नव नियुक्त एल्डरमैन को बहुत छोटा कार्यकाल मिलेगा .. इसको लेकर कुछ दावेदार के मायूस होने की भी खबर है .. इतने कम कार्यकाल को अधिकांश कार्यकर्ता चार दिन की चांदनी .. मान रहे हैं .. !
नगर निगम परिषद का कार्यकाल अंतिम चरण में है.. ऐसे समय में भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करना चाहती हैं .. ज्यादातर कार्यकर्ताओं के मन में एल्डरमैन का लड्डू फूट रहा हैं .. दावेदारों की बड़ी फौज को देखते हुए पार्टी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है .. इसलिए समन्वय और सहमति के लिए दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है .. महती कवायदों के बाद अब जल्द ही घोषणा की स्थिति बन गई है .. असफल रहने वाले कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद और समझाइश के लिए दिग्गजों को जिम्मेदारी दे दी गई है ..
जिले में मंत्री , सांसद , विधायक और जिलाध्यक्ष के समर्थक दौड़ में बताए जा रहे हैं .. सभी दावेदार इस बात से आश्वस्त हैं कि उन्हें दिग्गजों का पूरा समर्थन मिलेगा ..ये देखना दिलचस्प होगा कि किन की लगेगी लॉटरी .. कौन होगा मायूस ..