जयपुर.
जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में शनिवार सुबह एमबीए सेकंड ईयर की स्टूडेंट यशस्वी रोहिल्ला (23) ने छठी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया।जयपुर के गुर्जर की थड़ी इलाके के प्रेम नगर की रहने वाली यशस्वी का कुछ दिन पहले ही प्लेसमेंट (जॉब) हुआ था। हादसे से कुछ सेकंड पहले वो दोस्तों से खुश होकर बात कर रही थी, फिर क्लास से निकलकर ऊपर चली गई थी।
दोस्त उसे रोकने के लिए दौड़े, लेकिन वो उनके सामने ही कूद गई। शिवदासपुरा थाना पुलिस के अनुसार घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। स्टूडेंट की बॉडी को महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला प्रेम-प्रसंग का नजर आ रहा है।
SHO बोले- प्रेम-प्रसंग का नजर आ रहा मामला
SHO राजेश गौतम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा नजर आ रहा है। कॉलेज से छात्रा ने जिस नंबर पर कॉल किया था, उस नंबर का पता लगा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रा ने आखिरी में वॉट्सएप पर मैसेज किया था, जो इस पूरे केस को खोलने में कारगर साबित होगा। हालांकि नंबर किसका था, पुलिस ने यह जानकारी नहीं दी। परिजनों ने FIR दे दी है, जांच कर रहे हैं।
छात्रा के रिश्तेदार बोले- कॉलेज प्रशासन की गलती है
छात्रा के परिजन और रिश्तेदार हॉस्पिटल में आपस में बात कर रहे हैं। बातचीत के दौरान सामने आया कि पूर्णिमा यूनिवर्सिटी प्रशासन की गलती है। यहां गार्ड होना चाहिए था। नीरजा मोदी स्कूल में हुए केस के बाद सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन थी। ऐसी ही कोई बच्चा छत पर चढ़ जाएगा क्या।
छात्रा के रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे
महात्मा गांधी हॉस्पिटल में छात्रा के रिश्तेदारों का पहुंचने का सिलसिला जारी है। परिजन अस्पताल की इमरजेंसी के पास बिलखते नजर आए। उन्हें रिश्तेदारों ने संभाला। परिजनों ने अब तक मामले में किसी तरह का मुकदमा दर्ज नहीं करवाया है। पुलिस परिजनों की शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज करेगी। छात्रा की मां सचिवालय में सांख्यिकी विभाग में पोस्टेड छात्रा की मां दुर्गा देवी सचिवालय में सांख्यिकी विभाग में पोस्टेड हैं। भाई शुभम एडवोकेट हैं।
यशस्वी के पापा नहीं, मां ही पढ़ा रही थी
जानकारी के अनुसार यशस्वी के पिता नहीं हैं। मां ही बेटी को पढ़ा रही थी। परिवार ने बताया कि बेटी की मौत की जानकारी के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पहले उन्हें महात्मा गांधी हॉस्पिटल लाए थे, फिर उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए वापस घर भेज दिया।
सुसाइड का कारण पता नहीं लगा है- डीन
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर राकेश गुप्ता ने बताया कि सुबह 9:45 MBA सेमेस्टर के पेपर होने थे। एग्जामिनेशन हॉल में जाने से पहले यशस्वी के पास कॉल आया था। उसके बाद ही उसने सुसाइड किया था। उसके साथियों से भी हमने बात की है, लेकिन फिलहाल कोई कारण सामने नहीं आया है।
साथी बचाने के लिए दौड़े थे, कुछ सेकंड से चूके
छात्रा जब छत बैठी थी, उस समय कुछ छात्र उसे बचाने के लिए दौड़े थे, लेकिन वह छठी मंजिल से कूद गई। आज मिड सेमेस्टर एग्जाम था। छात्रा को यह पेपर देना था। घटना के बाद आज होनी वाली परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है।
वॉशरूम जाने का कहकर निकली थी
- यशस्वी के साथियों के अनुसार यशस्वी क्लासरूम में सभी से बात कर रही थी, खुश भी थी। फिर वॉशरूम जाने का कहकर बाहर निकल गई।
- उसने एक फोन किया और फिर वापस लौटकर फोन अपनी क्लास में छोड़कर छत पर चली गई थी।
- पढ़ाई में होशियार थी यशस्वी, प्लेसमेंट भी हुआ था
- पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल सिंधी ने बताया कि यशस्वी पढ़ाई में काफी होशियार थी। कुछ दिन पहले ही उसका प्लेसमेंट हुआ था।
- एमडी ने बताया कि हमारे स्टाफ ने तुरंत उसे यूनिवर्सिटी के इमरजेंसी व्हीकल से महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचाया था।
- पुलिस ने छात्रा का बैग और मोबाइल कस्टडी में लिया है। हालांकि अभी तक छात्रा की छत से कूदने की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।