नई दिल्ली. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने शनिवार को एक प्रतीकात्मक ‘ जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान विपक्ष ने चुनाव आयोग के साथ केंद्र सरकार पर भी सीधा हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की।
यहां मॉक संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
राहुल ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि ज्ञानेश कुमार अपने पद पर नहीं टिक पाएंगे और विपक्ष उन्हें बचकर निकलने नहीं देगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठाई गई आवाज केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई है, जिन पर विपक्ष जनता के वोट के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहा है।
- राहुल गांधी की स्पीच की बड़ी बातें
1. ‘ज्ञानेश कुमार पद पर नहीं टिक पाएंगे’
राहुल गांधी ने सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाने पर लेते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार इस पद पर बने नहीं रह पाएंगे। उनके मुताबिक, विपक्ष के पास ऐसे पर्याप्त सबूत हैं, जिनके आधार पर CEC की भूमिका पर सवाल उठाए जा सकते हैं। राहुल ने कहा कि यदि तमाम बातें सामने आने के बाद भी बीजेपी उन्हें पद पर बनाए रखने पर अड़ी रहती है, तो इससे बीजेपी की मंशा पर सवाल उठेंगे।
2. ‘हम आपको बचकर निकलने नहीं देंगे’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि विपक्ष इस मामले को बीच में छोड़ने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों से भी बात करना चाहते हैं, जिन्होंने उनके मुताबिक ‘यूनियन ऑफ इंडिया’ यानी भारत संघ पर हमला किया है। राहुल ने ज्ञानेश कुमार को इस पूरी व्यवस्था का एक हिस्सा बताते हुए दावा किया कि ऐसे और भी लोग हैं, जिनकी भूमिका विपक्ष की नजर में सवालों के घेरे में है।
3. मोदी-शाह का नाम लेकर अधिकारियों को चेतावनी
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शीर्ष पर हो सकते हैं, लेकिन विपक्ष उनसे निपट लेगा। उन्होंने अधिकारियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे उनके मोहरे हैं और इसलिए विपक्ष का पहला निशाना बनेंगे। राहुल ने ज्ञानेश कुमार और उनके अधीन काम करने वाले कुछ अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे अपनी कथित सुरक्षा और इम्युनिटी को लेकर गलतफहमी में न रहें।
4. ‘यह नया राजनीतिक हथियार है’
राहुल गांधी ने खरगे के आवास पर हुए इस आयोजन को केवल एक बैठक या प्रतीकात्मक विरोध मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों तथा आम नागरिकों की मौजूदगी वाला यह कार्यक्रम वास्तव में एक राजनीतिक हथियार है। उनके मुताबिक, यह हथियार उन लोगों को निशाना बनाता है, जिन पर विपक्ष भारतीय नागरिकों के वोट को नुकसान पहुंचाने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा रहा है।
5. ‘आप हमेशा संस्था के पीछे नहीं छिप सकते’
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की संस्थागत स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि किसी संस्था के पद पर बने रहने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति हमेशा सवालों से बच सकता है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार समेत सभी संबंधित लोगों को आज नहीं तो कल देश की जनता के प्रतिनिधियों का सामना करना पड़ेगा। राहुल का संदेश था कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को अपने फैसलों के लिए जवाबदेह होना चाहिए।
6. ‘13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए’
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जो उनके मुताबिक भारत के हर सात मतदाताओं में से लगभग एक के बराबर है। उन्होंने इसे देश के करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं से जोड़ते हुए चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।
7. ‘जीत का अंतर 3 प्रतिशत और सवाल 15 प्रतिशत वोटरों पर’
राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के अपने दावे को जोड़कर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत का अंतर करीब 3 प्रतिशत वोटों का था, जबकि नाम हटाए जाने का आंकड़ा 15 प्रतिशत मतदाताओं से जुड़ा बताया जा रहा है। राहुल ने इसी तुलना के आधार पर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
8. ‘चुनाव आयोग खुद कह रहा है कि 2024 का चुनाव अवैध था’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की अपनी बातों से यह साबित होता है कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था और बीजेपी के सांसद अवैध तरीके से लोकसभा पहुंचे। यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है।
9. ‘CBI, ED और संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावों में कथित धांधली के साथ-साथ CBI, ED और देश की अन्य संस्थाओं को नियंत्रित करने और उनका दुरुपयोग करने में लगी है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था स्थायी नहीं है और विपक्ष इसे चुनौती देता रहेगा। उनके मुताबिक, सत्ता में बैठे लोगों को यह समझना चाहिए कि मौजूदा हालात हमेशा नहीं बने रहेंगे। यह हमला चुनाव आयोग से आगे बढ़कर केंद्र सरकार और अन्य संस्थाओं की भूमिका तक पहुंच गया।
10. ‘यह चेतावनी प्यार और स्नेह के साथ दे रहा हूं’
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने चेतावनी भरे शब्दों के साथ यह भी कहा कि विपक्ष कोई बुरी या दुष्ट ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपनी बात प्यार और स्नेह के साथ रख रहे हैं, लेकिन संविधान और जनता की आवाज की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रहेगी। राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की मांग का समर्थन करते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाने की भी बात कही।
मॉक संसद में प्रस्ताव पारित, विपक्ष का अभियान तेज
खरगे के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। मॉक संसद में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया। विपक्ष ने इसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को जनता के सामने रखने का माध्यम बताया।