जयपुर/चित्तौड़गढ़.
1 मई 2025
राजस्थान में जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है, हाल ही में मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित कछला गांव के समीप रात्रि विश्राम के दौरान तीन जैन संतों पर हमले की घटना के बाद प्रदेशभर में आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया था.
इस मुद्दे को वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार राईवाल एवं जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (श्रप्ज्व्) द्वारा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, पुलिस महानिदेशक कार्यालय, जयपुर ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किए हैं.
पुलिस मुख्यालय द्वारा 30 अप्रैल 2025 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जैन साधु-संतों के विहार/प्रवास के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन पूरी जिम्मेदारी से कार्य करे. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर संतों को सुरक्षित रात्रि विश्राम उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाए.
पत्र में विशेष रूप से ग्राम पंचायतों में स्थित उपयुक्त शासकीय भवनों जैसे पंचायत भवन या विद्यालय भवनों को रात्रि विश्राम हेतु उपलब्ध कराने की बात कही गई है, जिससे संत समाज को किसी भी प्रकार की असुविधा या असुरक्षा का सामना न करना पड़े.
राजकुमार राईवाल ने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित पत्र में कहा यह निर्णय न केवल संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि राजस्थान को एक आध्यात्मिक रूप से संवेदनशील और धार्मिक सहिष्णु राज्य के रूप में स्थापित करेगा.
संत समाज, जैन संगठनों एवं नागरिक समाज ने राजस्थान पुलिस के इस संवेदनशील कदम का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस और स्थायी नीति बनाए जाने की मांग की है.
sunil paliwal-Anil Bagora