कई लोग जब अतिरिक्त पैसा हाथ में आता है तो सबसे पहले लोन जल्दी खत्म करने के बारे में सोचते हैं। इसे फोरक्लोजर या प्रीपेमेंट कहा जाता है। हालांकि कई उधारकर्ताओं के मन में यह सवाल रहता है कि क्या तय समय से पहले लोन चुकाने से क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में लोन जल्दी बंद करने से क्रेडिट स्कोर को नुकसान नहीं होता, लेकिन इसके कुछ पहलुओं को समझना जरूरी है।
जब कोई व्यक्ति अपने लोन की पूरी बकाया राशि तय अवधि से पहले चुका देता है, तो इसे लोन फोरक्लोजर कहा जाता है। ऐसा करने से आगे की EMI और ब्याज का भुगतान बंद हो जाता है। आमतौर पर लोग अतिरिक्त आय, बोनस या बचत के कारण यह कदम उठाते हैं ताकि ब्याज का खर्च कम किया जा सके।
विशेषज्ञों के मुताबिक केवल लोन जल्दी बंद करना आमतौर पर क्रेडिट स्कोर को नुकसान नहीं पहुंचाता। यदि आपने पूरे लोन के दौरान समय पर EMI भरी है और खाता “क्लोज्ड” के रूप में दर्ज होता है, तो यह आपकी जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार को दर्शाता है।
हालांकि क्रेडिट स्कोर का सबसे बड़ा आधार समय पर भुगतान का रिकॉर्ड होता है। यदि पहले EMI में देरी या डिफॉल्ट हुआ है, तो लोन बंद करने के बाद भी वह रिकॉर्ड आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में बना रहता है।
कुछ मामलों में लोन जल्दी बंद करने के बाद क्रेडिट स्कोर में थोड़ी अस्थायी गिरावट भी देखने को मिल सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोन बंद होने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की अवधि और एक्टिव क्रेडिट मिक्स कम हो सकता है। इससे क्रेडिट प्रोफाइल में बदलाव आता है, जो थोड़े समय के लिए स्कोर को प्रभावित कर सकता है।
लोन प्रीपेमेंट के कई वित्तीय फायदे भी होते हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे कुल ब्याज का खर्च कम हो जाता है। इसके अलावा EMI का बोझ खत्म होने से मासिक बजट में राहत मिलती है और कर्ज का भार कम होता है।
कुछ मामलों में कर्ज कम होने से आपकी क्रेडिट प्रोफाइल भी मजबूत हो सकती है और भविष्य में नए लोन लेने की संभावना बेहतर हो सकती है।
निष्कर्ष : लोन जल्दी चुकाना अक्सर आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे ब्याज का बोझ कम होता है और कर्ज से जल्दी छुटकारा मिलता है। हालांकि इसका क्रेडिट स्कोर पर असर पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने लोन अवधि के दौरान EMI का भुगतान कितनी जिम्मेदारी से किया है। समय पर भुगतान और संतुलित क्रेडिट उपयोग ही लंबे समय में मजबूत क्रेडिट स्कोर बनाने की सबसे अहम कुंजी है।