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Indore City : महिला आरक्षण के विरोध से राहुल गांधी और कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता उजागर हुई : श्री कैलाश विजयवर्गीय

इंदौर Published by: paliwalwani Updated Wed, 22 Apr 2026 01:44 AM
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कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को सशक्त नहीं बनने देना चाहती - श्रीमती नंदिता पाठक

महिला आरक्षण का विरोध करने वाली कांग्रेस व विपक्षी दलों को देश की आधी आबादी माफ नहीं करेगी - श्री सुमित मिश्रा

इंदौर. नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के संदर्भ में आज भाजपा कार्यालय इंदौर में मध्यप्रदेश शासन में नगरीय प्रशासन व संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदिता पाठक, संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत, भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा आदि ने पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। 

मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश की आधी आबादी को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए। कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा विरोध कर संसद में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को क्रियान्वित नहीं होने देना महिलाओं के अधिकारों का दमन है, व्यवहार से कांग्रेस व विपक्षी दलों ने एक विधेयक का नहीं महिलाओं को सशक्त बनाने और अधिकार देने का विरोध किया है। 

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि राष्ट्रहित के कार्य को कांग्रेस और विपक्षी दलों ने राजनीति के तराजू से तौला व महिला आरक्षण विधेयक को पारित नहीं होने देकर नारी शक्ति को उसका अधिकार नहीं मिलने दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भी स्पष्ट कह चुके हैं कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे।

भाजपा कहती नहीं करते दिखाती है। मध्यप्रदेश के 17 जिलों में महिला अधिकारी कलेक्टर, 10 से अधिक जिलों में एसपी हैं। एक जिले में कलेक्टर, एसपी से लेकर अन्य अधिकारी भी महिलाएं हैं। भाजपा प्रदेशभर में जन-जन को बताएगी कि किसने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया। मध्यप्रदेश में भी इसको लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। 

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि महिला आरक्षण के विरोध से कांगेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के विरोध से विपक्ष का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र जी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए हैं। महिलाओं को अधिकार देने का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को जनता और महिलाएं सबक जरूर सिखाएंगी। 

श्री विजयवर्गीय ने कहा महिलाएं 70 साल से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं। संसद और राज्यों की विधानाभाओं में देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण उनका अधिकार है। आजादी के बाद करीब 50 सालों तक देश में शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं को कभी उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रयास नहीं किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लाकर देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस फिर विरोध में उतर आई। 

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2023 में संसद में यह विधेयक लाया गया, तब कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने इसलिए समर्थन कर दिया, क्योंकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का डर था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जब महिलाओं को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से उनका अधिकार दिलाने के लिए संसद का विशेष सत्र में इसे पारित कराना चाहा तो विपक्षी दलों ने विरोध कर दिया। दरअसल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके व अन्य विपक्षी दल महिलाओं को उनका अधिकार मिलने ही नहीं देना चाहते हैं। महिलाओं को अधिकारों से वंचित करने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर की महिलाएं आक्रोशित हैं।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को सशक्त नहीं बनने देना चाहती : श्रीमती नंदिता पाठक

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती नंदिता पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के सभी बिंदुओं पर विस्तार से संसद में जानकारी दी। विपक्षी की सभी शंकाओं, आशंकाओं का समाधान किया और स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए।

महिलाओं को अधिकार मिलने से किसी का अधिकार कम नहीं होगा। प्रधानमंत्री जी ने तो यहां तक कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का श्रेय उनकी सरकार को नहीं चाहिए। उन्होंने संसद के अंदर समूचे विपक्ष का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी बड़े मन से नारी शक्ति को उनका अधिकार मिलने दीजिए, नारी शक्ति अधिनियम का समर्थन कीजिए।

मैं विज्ञापन छपवाकर समूचे विपक्ष को इस अधिनियम को पारित करने का श्रेय दे दूंगा। प्रधानमंत्री जी के इतने स्पष्ट व खुले विचारों के बाद भी विपक्ष महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलने देना चाहता है। प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा कि महिलाओं को जो भी जिम्मेदारी मिलती है, वह उन्हें बखूबी निभाती आ रही हैं। ऐसे में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें संसद और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।

लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को सशक्त नहीं बनने देना चाहिए, इसलिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पुरजोर विरोध किया और पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा कहती नहीं करते दिखाती है। मध्यप्रदेश के 17 जिलों में महिला अधिकारी कलेक्टर, 10 से अधिक जिलों में एसपी हैं। एक जिले में कलेक्टर, एसपी से लेकर अन्य अधिकारी भी महिलाएं हैं।

भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी देश की नारी शक्ति अधिनियम के माध्यम से 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का प्रस्ताव लेकर आए तो कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला विरोधी असली रूप दिखा दिया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके व अन्य विपक्षी दलों ने जिस प्रकार से लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का विरोध किया है, उससे स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष पहले ही मन बना चुका था कि महिलाओं को अधिकार न मिलने पाए, इसलिए संसद में विरोध किया।

श्री मिश्रा ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का जिस प्रकार विरोध किया गया, उसे पूरे देश ने देखा है। यह सिर्फ एक साधारण विधेयक नहीं था, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उनके अधिकार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास था। विरोधी दलों के इस रवैये ने देश की महिलाओं की आकांक्षाओं और सपनों को आहत करने का काम किया है। 

श्री मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दल हमेशा से महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में नहीं थे। ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ वह सिर्फ एक संसदीय परंपरा नहीं बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय था। राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडी गठबंधन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी मानसिकता महिला विरोधी है।

नारी शक्ति वंदन‘ विधेयक का लोकसभा में पारित न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह विधेयक देश की माताओं-बहनों को सशक्त बनाने, उन्हें निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी दिलाने तथा नए भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने अपनी संकीर्ण राजनीति और स्वार्थ के चलते इस महत्त्वपूर्ण विधेयक को गिराने का काम किया, जो स्पष्ट रूप से उनके महिला विरोधी चरित्र को उजागर करता है। 

श्री मिश्रा ने कहा यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी इसको लेकर प्रयास किए गए, तब भी कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अड़ंगा लगा दिया था। कांग्रेस के शासनकाल में तो महिला आरक्षण को लेकर कोई प्रयास ही नहीं किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार योजनाएं बनाकर कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार सदैव नारी सम्मान, सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी शक्ति को उसका पूर्ण अधिकार दिलाने के लिए भाजपा सरकारें संकल्पित हैं।

संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत ने कहा कि भाजपा का प्रशिक्षण वर्ग एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें कार्यकर्ता पार्टी की रीति नीति और विचार को लेकर शिक्षण प्रशिक्षण का कार्य करते हैं। 

इस अवसर पर संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत, प्रदेश सहमीडिया प्रभारी श्री आलोक दुबे, जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, श्रीमती अंजू माखीजा, नगर मंत्री श्रीमती कंचन गिदवानी, श्रीमती स्वाति कशीद, सुश्री नेहा शर्मा, श्रीमती मंजू ठाकुर, श्रीमती इंदु श्रीवास्तव, प्रदेश महिला मोर्चा कोषाध्यक्ष सुश्री निधी बंग, नगर मीडिया प्रभारी वरूण पाल, सहमीडिया प्रभारी श्री नितीन शर्मा, श्री रितेश शर्मा आदि उपस्थित थे।

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