इंदौर. घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बार फिर नियमों में बदलाव कर दिया गया है, जिससे अब राहत के बजाय परेशानी बढ़ने के आसार हैं। नए आदेश के तहत जिन उपभोक्ताओं के पास दो एलपीजी सिलेंडर हैं, उन्हें अब अगली बुकिंग के लिए 35 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 25 दिन थी, जिसे बढ़ाकर सीधे 10 दिन और कर दिया गया है।
नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं की श्रेणी के अनुसार बुकिंग का समय तय किया गया है। सिंगल सिलेंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए अभी भी 25 दिन का नियम लागू रहेगा, जबकि उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों को 45 दिन बाद ही अगली बुकिंग की अनुमति मिलेगी। वहीं 10 किलो के कम्पोजिट सिलेंडर के लिए यह अवधि करीब 18 दिन रखी गई है।
इस बार सबसे अहम बदलाव यह किया गया है कि बुकिंग का अंतराल अब पिछली डिलीवरी की तारीख से तय होगा। यानी अगर किसी उपभोक्ता ने जल्दी बुकिंग करने की कोशिश की, तो सिस्टम उसे स्वतः ही अस्वीकार कर देगा। इससे समय से पहले गैस मंगवाने की सुविधा पूरी तरह खत्म हो गई है।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर शहरों में रहने वाले उन परिवारों पर पड़ेगा, जो डबल सिलेंडर कनेक्शन पर निर्भर हैं। पहले जहां एक सिलेंडर खत्म होते ही दूसरा उपलब्ध हो जाता था और बुकिंग भी समय पर हो जाती थी, अब गैस खत्म होने की स्थिति में इंतजार करना पड़ सकता है।
सिर्फ बड़े सिलेंडर ही नहीं, छोटे सिलेंडरों के लिए भी नई समय सीमा तय की गई है। 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन और 10 किलो वाले के लिए 18 से 32 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया है।
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी दबाव में है। फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सेवाओं और शिक्षण संस्थानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि आवंटन बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं, फिर भी बाजार में स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गैस की बढ़ती मांग और सप्लाई प्रबंधन को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे खपत को नियंत्रित करने और वितरण प्रणाली को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला फिलहाल असुविधा बढ़ाने वाला साबित हो रहा है।
इसी महीने की शुरुआत में बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया था, और अब इसे 35 दिन कर दिया गया है। लगातार हो रहे इन बदलावों से उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।