उत्सव का उल्लास - नितिनमोहन शर्मा
रोशनी के पर्व की दस्तक से दमका इंदौर, घरों में सजने लगीं खुशियां, बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं
- धनतेरस और दीपावली के स्वागत में बाज़ार हुआ आबाद, राजबाड़ा से लेकर सराफा तक उमड़ा जनसैलाब टूट रहे खरीदारी के रिकॉर्ड
- रोशनी के पर्व की दस्तक से जगमग हुई ‘मिनी मुंबई’, घरों से लेकर बाजारों तक पसरी खुशियों की रंगत
- पुलिस, जिला प्रशासन व नगर निगम ने भी शुरू की विशेष तैयारियां, मध्य शहर के लिए विशेष ट्रेफ़िक प्लान
दीपोत्सव की आहट के साथ ही प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहा जाने वाला इंदौर पूरी तरह से त्योहार के रंग में डूब गया है। दीपावली के आगमन को लेकर शहर के कोने-कोने में हफ्तों से चल रहा इंतजार अब खत्म होने को है, और इसकी जीवंत तस्वीर इंदौर के घरों से लेकर मुख्य बाजारों तक साफ देखी जा सकती है।
बाजारों में जहां पैर रखने की जगह नहीं है, वहीं हर घर दीपों की जगमगाहट और त्योहार की खुशियों से सराबोर नजर आ रहा है।बाजारों में उमड़ा जनसैलाब इशारा कर रहा है कि इस बार करोड़ों के कारोबार की उम्मीद हैं। त्योहारी सीजन के चरम पर पहुंचते ही शहर के पारंपरिक और आधुनिक बाजारों की रंगत देखते ही बन रही है। राजबाड़ा, सराफा, बजाज खाना, सीतलमाता बाजार और छप्पन दुकान जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों से लेकर श्रमिक क्षेत्र मालवा मिल व छावनी क्षेत्र सुबह से ही ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
दीपावली और आगामी त्योहारों को लेकर मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर के बाजारों में रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों जैसे राजबाड़ा, सराफा, बजाज खाना, और छप्पन दुकान में सुबह से लेकर देर रात तक ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे 'बाजारों में त्योहारों की रंगत पूरी तरह पसर गई है'।
व्यापारियों के अनुसार, इस साल धनतेरस और दीपावली को लेकर ग्राहकों में खासा उत्साह है। कपड़ों, सराफा (ज्वैलरी), इलेक्ट्रॉनिक सामान और सजावट के बाजारों में बंपर खरीदारी देखी जा रही है। राजबाड़ा के आसपास के क्षेत्रों में पैर रखने तक की जगह नहीं है, जिससे त्योहार के इस सीजन में करोड़ों रुपये के कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।
राजबाड़ा और क्लॉथ मार्केट में पारंपरिक कपड़ों, साड़ियों और रेडीमेड गारमेंट्स की खरीदारी के लिए सबसे ज्यादा भीड़ यहीं देखी जा रही है। सराफा बाजार में सोने और चांदी के सिक्कों व गहनों की एडवांस बुकिंग के लिए लोग पहुंच रहे हैं। सजावट और इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार भी गुलज़ार हो चला हैं। घरों को नया लुक देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज और रंग-बिरंगी लाइटिंग के बाजारों में बंपर खरीदारी हो रही है। व्यापारियों का अनुमान है कि इस बार इंदौर का त्योहारी कारोबार पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ देगा।
भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने प्रमुख बाजारों में भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी है और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। त्योहार की इस भारी भीड़ को संभालने के लिए इंदौर पुलिस और नगर निगम ने कमर कस ली है। राजबाड़ा और मध्य क्षेत्र के बाजारों को 'नो व्हीकल जोन' घोषित करने की तैयारियां है, ताकि पैदल चलने वाले खरीदारों को कोई परेशानी न हो। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
घरों में तैयारी अंतिम दौर में, हर आंगन में बिखरी खुशियां
बाजारों की इस रौनक का सीधा कनेक्शन इंदौर के हर एक घर से जुड़ा है। घरों में साफ-सफाई और रंग-रोगन का काम पूरा होने के बाद अब मुख्य द्वारों पर वंदनवार सजाए जा रहे हैं। महिलाएं छतों और बाल्कनियों में पारंपरिक दीये और मॉडर्न एलईडी लाइट्स लगाने में जुटी हैं। आंगन में रंगोली के रंगों के साथ दीपावली के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। गृहणियों का कहना है कि साल भर का यह ऐसा वक्त होता है जब पूरा परिवार एक साथ खुशियां समेटने और बांटने में लग जाता है। शरद पूर्णिमा का पर्व मुहाने पर है और उसके बाद आ रही है करवा चौथ। सुहाग के इस पर्व को लेकर भी इन दिनों घर घर मे जबरदस्त तैयारियां चल रही हैं।
आतिशबाजी का बाजार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इंदौर में इस बार भी रिहायशी इलाकों से दूर, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आतिशबाजी के लिए अस्थायी बाजार सजाए जा रहे हैं। पटाखा दुकानों के लिए शहर के तयशुदा खुले मैदानों में जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के तहत पटाखों की दुकानें लगाने का ताना-बाना बुना गया है। सभी दुकानदारों को कड़े नियमों के तहत ही अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए हैं।
अप्रिय घटना से निपटने के लिए हर पटाखा बाजार में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पानी के टैंकर तैनात रहेंगे। बारूद के खतरे को देखते हुए दो दुकानों के बीच तय दूरी रखना अनिवार्य किया गया है। पूरे पटाखा बाजार क्षेत्र को पूरी तरह से 'नो स्मोकिंग जोन' घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे घरों की छतों या तंग गलियों में पटाखे न जलाएं और आतिशबाजी के समय बच्चों पर विशेष नजर रखें।