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होर्मुज में फिर बढ़ेगा तनाव? : सीजफायर बहुत कमजोर स्थिति में : डोनाल्ड ट्रंप

देश-विदेश Published by: paliwalwani Updated Tue, 12 May 2026 12:52 AM
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अमेरिका.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष विराम (सीजफायर) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह सीजफायर अब बहुत कमजोर स्थिति में है और लाइफ सपोर्ट पर टिका हुआ है। ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब उनसे ईरान के साथ चल रही शांति प्रक्रिया और प्रस्ताव को लेकर सवाल पूछा गया था।

ट्रंप ने ठुकराया ईरान का जवाब

ट्रंप ने ईरान के हालिया जवाब को खारिज करते हुए उसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईरान के प्रस्ताव को पढ़ा और वह बिल्कुल भी स्वीकार करने योग्य नहीं है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पर किसी तरह का दबाव नहीं है और देश पूरी जीत की ओर बढ़ रहा है।

शांति प्रयासों के बावजूद बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों से शांति बहाली की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। फरवरी 28 से शुरू हुए संघर्ष के बाद कई क्षेत्रों में तनाव बढ़ा है। अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच अस्थायी सीजफायर पर सहमति बनी थी, लेकिन स्थिति अब भी स्थिर नहीं है।

शांति प्रस्ताव पर तेहरान की शर्तें

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने अपने जवाब में युद्ध रोकने की बात कही है। ईरान चाहता है कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर संघर्ष विराम हो। साथ ही, उसने होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की शर्त रखी है। अमेरिका ने पहले यह प्रस्ताव दिया था कि अन्य संवेदनशील मुद्दों जैसे परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने से पहले दोनों देश शत्रुता समाप्त करें।

परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर विवाद

अमेरिका लगातार ईरान से अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहा है। इसके बदले में प्रतिबंध हटाने और फ्रीज किए गए धन को रिलीज करने की बात कही गई है। वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का मुद्दा भी शामिल है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है। इस रास्ते से दुनिया के करीब 20कच्चे तेल की आपूर्ति होती है।

वैश्विक बाजारों पर असर की आशंका

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।

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