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भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार : पीएम मोदी-शेख नाहयान के बीच बैठक, गर्मजोशी के साथ स्वागत

दिल्ली Published by: paliwalwani Updated Tue, 20 Jan 2026 12:32 AM
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नई दिल्ली.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। जहां पीएम मोदी ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने अपने निवास लोक कल्याण मार्ग पर अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई की उस पहल की सराहना की, जिसमें राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के लिए ऐतिहासिक कलाकृतियां लोटल में प्रदान की जाएंगी। दोनों देशों ने ध्रुवीय विज्ञान, संयुक्त अभियान और संस्थागत सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

पीएम मोदी ने शेख मोहम्मद को किया धन्यवाद

विक्रम मिस्री ने आगे कहा कि यूएई में लगभग 45 लाख भारतीय मूल के लोग रहते और काम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का इन भारतीय नागरिकों की भलाई और हितों की देखभाल के लिए धन्यवाद किया। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि बढ़ाने के प्रयासों का समर्थन किया।

व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में भी बनी सहमति

मिस्री ने कहा कि व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी कई पहलें तेज करने पर सहमति बनी। इनमें भारत मार्ट, वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर और भारत-अफ्रीका एसईटीयू पहल शामिल हैं। यूएई की कंपनियों डीपी वर्ल्ड और फर्स्ट अबू धाबी बैंक को गिफ्ट सिटी, गुजरात में अपने कार्यालय और संचालन खोलने की अनुमति दी गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों ने राष्ट्रीय भुगतान प्लेटफार्मों के इंटरकनेक्शन पर काम करने और व्यापार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया।

मुलाकात में इन क्षेत्रों में सहयोग पर बनी सहमति

  • भारत और यूएई ने 2032 तक सालाना व्यापार 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।
  • पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच दिल्ली में अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई।
  • दोनों नेताओं ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर सहमति जताई।
  • ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला, यूएई हर साल भारत को 5 लाख मीट्रिक टन LNG देगा।
  • यूएई भारत का दूसरा सबसे बड़ा LNG सप्लायर है।
  • न्यूक्लियर ऊर्जा में सहयोग पर सहमति, बड़े रिएक्टर और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर विकसित किए जाएंगे।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को प्राथमिक क्षेत्र बनाया गया, भारत में सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित होगा।
  • यूएई भारत में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश करेगा।
  • अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त सहयोग, लॉन्च पैड, सैटेलाइट निर्माण और संयुक्त मिशन पर काम होगा।
  • गुजरात के धोलेरा में विशेष निवेश क्षेत्र विकसित करने पर समझौता।
  • धोलेरा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, पोर्ट, स्मार्ट सिटी और रेल–ऊर्जा परियोजनाएं विकसित होंगी।
  • खाद्य सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर, इससे भारतीय किसानों को फायदा होगा।
  • डेटा एम्बेसी स्थापित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई।
  • दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की।
  • यमन, गाजा और ईरान की स्थिति पर भी बातचीत हुई।
  • यूएई राष्ट्रपति ने BRICS में भारत की अध्यक्षता को समर्थन दिया।
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