नई दिल्ली.
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। जहां पीएम मोदी ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी ने अपने निवास लोक कल्याण मार्ग पर अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई की उस पहल की सराहना की, जिसमें राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के लिए ऐतिहासिक कलाकृतियां लोटल में प्रदान की जाएंगी। दोनों देशों ने ध्रुवीय विज्ञान, संयुक्त अभियान और संस्थागत सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
विक्रम मिस्री ने आगे कहा कि यूएई में लगभग 45 लाख भारतीय मूल के लोग रहते और काम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का इन भारतीय नागरिकों की भलाई और हितों की देखभाल के लिए धन्यवाद किया। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि बढ़ाने के प्रयासों का समर्थन किया।
मिस्री ने कहा कि व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी कई पहलें तेज करने पर सहमति बनी। इनमें भारत मार्ट, वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर और भारत-अफ्रीका एसईटीयू पहल शामिल हैं। यूएई की कंपनियों डीपी वर्ल्ड और फर्स्ट अबू धाबी बैंक को गिफ्ट सिटी, गुजरात में अपने कार्यालय और संचालन खोलने की अनुमति दी गई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों ने राष्ट्रीय भुगतान प्लेटफार्मों के इंटरकनेक्शन पर काम करने और व्यापार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया।