नए नियमों के तहत रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद ग्राहकों को फोन या विजिट नहीं कर सकेंगे। किसी भी तरह की धमकी, गाली-गलौज, मानसिक दबाव, सोशल मीडिया पर बदनाम करना या जबरदस्ती करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आरबीआई के प्रस्तावित नियमों में यह भी कहा गया है कि बैंकों और एनबीएफसी को अपने रिकवरी एजेंटों का सत्यापन करना होगा और केवल प्रशिक्षित व प्रमाणित एजेंट ही रिकवरी का काम कर सकेंगे। रिकवरी से जुड़ी कॉल रिकॉर्ड करना भी जरूरी होगा।
अगर कोई एजेंट नियम तोड़ता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की मानी जाएगी। ग्राहक बैंक, पुलिस या बैंकिंग लोकपाल में शिकायत दर्ज करा सकेंगे।